पार्सल के बहाने बुलाया, पिस्टल सटाकर किया किडनैप…. फिर नग्न वीडियो बनाकर मांगी रंगदारी
राजधानी पटना से एक गंभीर अपराध की घटना सामने आई है, जिसने शिक्षा और सुरक्षा की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शहर में एक छात्र को अपहरण कर उसके साथ मारपीट और अप्राकृतिक यौन अपराध का प्रयास किया गया। घटना ने परिवार और समाज में डर और आक्रोश दोनों फैला दिया है।
जानकारी के अनुसार, अपराधियों ने छात्र को जबरन अपने पास रखा और मारपीट के साथ शारीरिक उत्पीड़न का प्रयास किया। साथ ही, उन्होंने छात्र को मासिक पांच हजार रुपये का भुगतान न करने पर नग्न वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी। यह मामला न केवल छात्र की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि डिजिटल शोषण और मानसिक उत्पीड़न की गंभीर चिंता भी पैदा करता है।
पीड़ित छात्र का परिवार घटना के बाद सदमे में है। उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और आरोपी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिवार ने बताया कि छात्र मानसिक रूप से काफी परेशान है और उन्हें डर है कि यदि आरोपी पकड़ में नहीं आए तो उनका वीडियो वायरल किया जा सकता है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,
“हमने अपहरण, मारपीट और धमकी देने के मामलों में विशेष निगरानी बढ़ा दी है। छात्रों और युवाओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामले सिर्फ शारीरिक सुरक्षा तक सीमित नहीं रहते, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को भी प्रभावित करते हैं। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों से सतर्क रहने की अपील की।
घटना ने शिक्षा और डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्रों में नए सवाल खड़े कर दिए हैं। आज के समय में, जहां छात्र और युवा अधिकतर ऑनलाइन माध्यमों पर सक्रिय रहते हैं, वहां इस तरह की धमकियों और ब्लैकमेल का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि माता-पिता और शिक्षण संस्थानों को बच्चों को डिजिटल सुरक्षा और आपातकालीन कदमों के बारे में सिखाना जरूरी है।
इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सामाजिक सुरक्षा, डिजिटल सुरक्षा और कानून का त्वरित कार्यान्वयन अत्यंत आवश्यक है। पुलिस और प्रशासन को ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई करनी होगी, ताकि पीड़ित और उनके परिवार को मानसिक और कानूनी सुरक्षा मिल सके।
अभिभावकों और नागरिकों ने भी सरकार और पुलिस से अपील की है कि इस तरह के अपराधियों को सख्त और तत्काल दंडित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

