राजस्थान में सड़क सुरक्षा पर बड़ा कदम, हाईवे पर ब्लैक स्पॉट चिन्हित, येलो और रेड जोन में बांटा गया क्षेत्र
राजस्थान में सड़क हादसों को कम करने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है। शुरुआती चरण में राज्य के प्रमुख और व्यस्त हाईवे जैसे दिल्ली रोड, सीकर रोड, दौसा रोड और अजमेर रोड को इस योजना में शामिल किया गया है।
इन मार्गों पर किए गए सर्वे के दौरान 1 से अधिक दुर्घटना संभावित स्थान यानी ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इन खतरनाक स्थानों को उनकी गंभीरता के आधार पर येलो और रेड जोन में विभाजित किया गया है।
योजना के तहत येलो जोन में वे स्थान शामिल हैं जहां दुर्घटनाओं की संभावना कम से मध्यम स्तर तक है, जबकि रेड जोन में वे क्षेत्र रखे गए हैं जहां बार-बार गंभीर सड़क हादसे हो चुके हैं। इन जगहों पर विशेष निगरानी और सुधार कार्य की आवश्यकता बताई गई है।
प्रशासन का उद्देश्य इन चिन्हित क्षेत्रों में सड़क संरचना में सुधार, संकेत बोर्ड लगाने, गति नियंत्रण और सुरक्षा उपायों को मजबूत करना है, ताकि हादसों को रोका जा सके।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ब्लैक स्पॉट की पहचान करना दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे यह पता चलता है कि किन जगहों पर ड्राइवरों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
इन व्यस्त हाईवे पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक और तेज रफ्तार वाहनों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में इन स्थानों को चिन्हित कर सुधारात्मक कार्रवाई करना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
योजना के तहत संबंधित विभाग अब इन क्षेत्रों में आवश्यक बदलाव और सुरक्षा उपायों को लागू करने की दिशा में काम करेगा। इसमें सड़क डिजाइन सुधार, चेतावनी संकेत और स्पीड कंट्रोल जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों से भी अपील की जा रही है कि वे इन चिन्हित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें और यातायात नियमों का पालन करें।
फिलहाल दिल्ली रोड, सीकर रोड, दौसा रोड और अजमेर रोड जैसे व्यस्त मार्गों पर ब्लैक स्पॉट की पहचान को सड़क सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे आने वाले समय में हादसों को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

