उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क सेक्टर-71 के ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल में सिपाही भर्ती परीक्षा में को दूसरी पाली में मूल परीक्षार्थी की जगह पेपर देने आए सॉल्वर को फेज तीन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. जिसके स्थान पर सॉल्वर परीक्षा दे रहा था, उसको भी पुलिस ने स्कूल के गेट के पास से ही दबोच लिया.
परीक्षा पास कराने के लिए मूल परीक्षार्थी के भाई से सॉल्वर ने पांच लाख रुपये में सौदा किया था. एक लाख हजार रुपये बतौर एडवांस सॉल्वर को मिले थे.
एसीपी दीक्षा सिंह के अनुसार पूछताछ के दौरान बुलंदशहर के नेकपुर गांव के बादल चौधरी ने बताया कि उसकी जनपद के उदयपुर गांव निवासी आकाश से जान पहचान है. सिपाही भर्ती परीक्षा की जब भर्ती निकली तो आकाश ने अपने भाई हरीश पाल का फॉर्म भरवा दिया. आकाश को पता था कि उसका भाई परीक्षा पास नहीं कर पाएगा. ऐसे में उसने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे बादल को पकड़ा और भाई की जगह परीक्षा देने पर पांच लाख रुपये देने को कहा. बादल के दिल में लालच आ गया और वह हरीश अत्री के स्थान पर परीक्षा देने के लिए राजी हो गया. आकाश ने 6 को ई-वॉलेट से हजार रुपये बादल को एडवांस दिए. को 99 हजार 999 रुपये भी यूपीआई से दिए. तीनों ने मिलकर हरीश अत्री के आधार कार्ड पर फोटो लगाकर फर्जी आधार कार्ड तैयार किया था. हरीश ही बादल को लेकर यहां परीक्षा दिलाने के लिए आया था. सॉल्वर बादल को परीक्षा देने के बाद दबोचा गया था.
फरार आरोपी की तलाश
इससे पहले को जेवर निवासी भानू को सेक्टर-24 पुलिस ने योगेश नाम के युवक की जगह परीक्षा देते हुए गिरफ्तार किया था. योगेश मौके से फरार हो गया था. थाना प्रभारी ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश की जा रही है. इस मामले में कई अन्य आरोपियों की संलिप्तता सामने आई है. योगेश की गिरफ्तारी के बाद पूरे गिरोह के बारे में जानकारी मिलने की संभावना है. भानू ने परीक्षा पास कराने के लिए लाखों रुपये में सौदा तय किया था.
नोएडा न्यूज़ डेस्क

