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Noida  राष्ट्रीय पैरा तैराकी प्रतियोगिता में मुन्ना ने स्वर्ण झटका, चिराग ने प्रदेश बैडमिंटन में रजत पदक जीता
 

Noida  राष्ट्रीय पैरा तैराकी प्रतियोगिता में मुन्ना ने स्वर्ण झटका, चिराग ने प्रदेश बैडमिंटन में रजत पदक जीता

उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क  राष्ट्रीय पैरा तैराकी प्रतियोगिता में सेक्टर-49 के मुन्ना शाह ने स्वर्ण और रजत पदक अपने नाम किया. वह सेक्टर-29 के गंगा शॉपिंग कॉम्पलेक्स स्थित बैंक में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी हैं. असम के गुवाहाटी में 13 नवंबर को प्रतियोगिता समाप्त हुई.
दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते हुए मुन्ना शाह ने 100 मीटर फ्री स्टाइल में स्वर्ण पदक अपने नाम किया. वहीं 50 मीटर बैक स्ट्रोक में रजत पदक अपनी झोली में डाले. वह सप्ताह में दो दिन दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में तैराकी का अभ्यास करते हैं. मुन्ना शाह बताते हैं कि बचपन में तैराकी करने का फायदा मुझे मिला. 13-14 साल की उम्र में मेरी आंखों की रोशनी पूरी तरह से खत्म हो गई थी. लिहाजा पढ़ाई भी छूट गई. जब आंखों की रोशनी थी तब नदी और नहर में खूब तैरता था. जिसका लाभ मुझे अब मिल रहा है. शत प्रतिशत दृष्टीहीन होने के बावजूद तैराकी का अभ्यास करता हूं. तैराकी से पहले दिल्ली के लिए राष्ट्रीय पैरा कबड्डी में भी भाग लिया. दिल्ली की टीम तीसरे स्थान पर रही थी.

 शहर के चिराग सेठ ने प्रदेश पुरुष बैडमिंटन चैंपियनशिप में दूसरा स्थान हासिल किया. उन्होंने युगल वर्ग का रजत पदक अपने नाम किया. सहरानपुर के कपिल चौधरी के साथ जोड़ी बनाते हुए यह उपलब्धि प्राप्त की.
दोनों को फाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा. मुकाबले में इन्होंने प्रतिद्वंद्वी जोड़ी को कड़ी टक्कर दी. आखिरकार चिराग और कपिल को फाइनल में 21-19, 18-21, 19-21 से हार का सामना करना पड़ा.
दस साल पहले घर छोड़कर दिल्ली आए थे
बिहार के छपरा जिले (तिवारी टोला) के मुन्ना शाह लगभग दस साल पहले घर छोड़कर दिल्ली आ गए. उस दौरान शत प्रतिशत दृष्टिहीन थे. वह रिश्तेदार की मदद से ट्रेन पर चढ़े. दिल्ली में उनके चचेरे भाई रहते थे. स्टेशन पर आने के बाद दूसरों की मदद से उन्हें फोन किया. इसके बाद वे उन्हें अपने घर पर ले गए.
दिल्ली आने के बाद तकनीकी प्रशिक्षण लिया
दिल्ली आने के बाद भाइयों की मदद से ब्रेल लिपि से पढ़ाई कर दसवीं पास की. साथ ही नौकरी के लिए तकनीकी प्रशिक्षण लिया. इसके बाद 2017 में बैंक ऑफ बड़ौदा में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी मिली. तब से मुन्ना शाह नोएडा में ही रह रहे हैं.


नोएडा न्यूज़ डेस्क
 

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