बिहार न्यूज़ डेस्क टूरिस्ट वे ऑफ राजगीर यानि पटना से राजगीर का शॉर्टेस्ट रूट. इसके दूसरे खंड सालेहपुर से राजगीर तक के निर्माण के लिए चौथी बार टेंडर निकाला गया है. ऐसे में जिले के लोगों को निर्माण की फिर से आस है. ग्रीनफील्ड फोरलेन बनने वाली 27.180 किलोमीटर लनबी सड़क के निर्माण पर 696.52 करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान लगाया गया है. जबकि, पहले खंड के 19.43 किमी टू-लेन निर्माण पर 265 करोड़ के बाद उसे फोरलेन बनाने पर 533 करोड़ खर्च करने की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) सरकार को भेजी जा चुकी है.
दूसरे खंड के निर्माण के बीच दो स्थानों हिलसा-नूरसराय पथ व एकंगरसराय में फ्लाईओवर बनाने की योजना है. जबकि, नूरसराय-दनियावां रेलखंड पर आरओबी (रेल ओवर ब्रिज) बनाया जाएगा. ताकि, टूरिस्ट वे ऑफ राजगीर पर निर्बाध रूप से सैलानियों के वाहन फर्राटे भर सकें. इसका निर्माण 30 माह में पूरा किया जाना है.
वहीं दूसरी ओर, इस पथ के पहले खंड करौटा-सालेहपुर को भी फोरलेन बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है. बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की बिहारशरीफ शाखा ने इसके लिए डीपीआर बनाकर सरकार को भेज दी है. फोरलेन होते ही सड़क की चौड़ाई 50 मीटर चौड़ी हो जाएगी. बीच में डिवाइडर व उसमें फूल-पत्तियों वाले पौधे हरियाली का अहसास कराएंगे.
31 किमी घटेगी दूरी : निर्माण में सहूलियत के लिए टूरिस्ट वे ऑफ राजगीर को दो खंडों में बांटा गया है. पटना-बख्तियारपुर फोरलेन के करौटा से सालेहपुर की दूरी 19.43 किलोमीटर है. वर्तमान में पटना से बख्तियारपुर, हरनौत, बिहारशरीफ होते हुए राजगीर की दूरी 108.43 किलोमीटर है. जबकि, टूरिस्ट वे ऑफ राजगीर के बन जाने से यह दूरी 31 किलोमीटर घट जाएगी. पटना से करौटा की दूरी 30 किमी, करौटा से तेलमर, सोराडीह, नरसंडा, कचरा, भेड़िया, उतरा होते हुए सालेहपुर की दूरी 19.43 तो सालेपुर से राजगीर की ग्रीनफील्ड दूरी 27.180 किलोमीटर रह जाएगी.
टूरिस्ट वे ऑफ राजगीर के दूसरे खंड सालेहपुर से राजगीर तक के लिए फोरलेन ग्रीनफील्ड बनाने के लिए फिर से टेंडर प्रकाशित किया गया है. कार्य एजेंसी तय होते ही इसका निर्माण शुरू कर दिया जाएगा.
-शशांक शुभंकर, डीएम, नालंदा
नालंदा न्यूज़ डेस्क

