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Nalnda लापरवाही  नपं में कचरा निस्तारण की नहीं है व्यवस्था
 

Nalnda लापरवाही  नपं में कचरा निस्तारण की नहीं है व्यवस्था


बिहार न्यूज़ डेस्क ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत नगर पंचायतों व ग्राम पंचायतों को स्वच्छ रखने के लिए भले ही करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाए जा रहे हों. लेकिन, कोचस में इस योजना का कार्यान्वयन सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह गया है. नगर पंचायत की स्थापना से लोगों में उम्मीदें जगी थी कि विभिन्न वार्डों में उत्पन्न समस्याओं का समाधान होगा.

लेकिन स्थापना के आठ वर्षों बाद भी समस्याओं का निदान नहीं हो सका. नगर पंचायत की 16 वार्डो मं  गंदगी व कूड़े के लगे अंबार से निकल रही बदबू से स्थानीय लोग परेशान हैं. बताया जाता है कि सफाई कर्मियों की कमी की वजह से मुख्य स्थलों, चौक चौराहों, सब्जी बाजारों, बस स्टैंड के अलावे जिला परिषद की भूमि में निर्मित 200 दुकानों से निकले कचरे का कई दिनों तक उठाव नहीं किया जाता है. जिससे जिला परिषद की भूमि में खाली पड़ी जमीन में कूड़े के अंबार लगे हैं. जहां से कूड़े का उठाव कभी नहीं किया जाता है. दुकानदारों ने बताया कि 200 दुकानों के लिए विभाग द्वारा एक भी बाथरूम नहीं बनाया गया है. जिसकी वजह से दुकानदार व ग्राहक सभी कूड़े के ढेर पर मूत्र त्याग करते हैं. ऐसे में कूड़े से निकल रही बदबू व व दुर्गंध से दुकानदार व ग्राहक परेशान हैं. शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की जाती. बताया कि नगर पंचायत द्वारा अब तक कूड़ा घर का निर्माण नहीं किया गया. जिसकी वजह से एनएच 30 के किनारे कूड़ा फेंकने से ढेर लगी है. जिसके निस्तारण की व्यवस्था नहीं की गई. ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत नगर पंचायत में करोड़ों खर्च किए गए. एनएच से सटे बालिका मध्य विद्यालय है. जिसकी वजह से शिक्षकों व छात्रों को काफी परेशानी होती है. ईओ प्रियंका कुमारी ने बताया कि डंपिंग जोन हमारे कार्यालय के पीछे बना है. कचरा निस्तारण के लिए मशीन वार्ड नंबर दो और 11 में लगाया गया है. जबकि लोगों ने इसे बेबुनियाद बताते हुए कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है.
नालंदा  न्यूज़ डेस्क

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