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Nalnda एनएच किनारे सड़क पर गिरे बालू दुर्घटना को दे रहे हैं आमंत्रण, सभी एनएच से लेकर स्टेट हाईवे पर सड़कों पर बालू बिखरे रहने के कारण ज्यादातर सड़क दुर्घटनाएं हो रही है
 

Nalnda एनएच किनारे सड़क पर गिरे बालू दुर्घटना को दे रहे हैं आमंत्रण, सभी एनएच से लेकर स्टेट हाईवे पर सड़कों पर बालू बिखरे रहने के कारण ज्यादातर सड़क दुर्घटनाएं हो रही है


बिहार न्यूज़ डेस्क इन दिनों सड़कों पर बिखरे बालू वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन रहे हैं. जिले के सभी एनएच से लेकर स्टेट हाईवे पर सड़कों पर बालू बिखरे रहने के कारण ज्यादातर सड़क दुर्घटनाएं हो रही है. सड़कें सपाट होने के बाद जहां चालक तेज गति से वाहन को चलाते हैं, ऐसे में अचानक सड़कों पर बालू के बिखराव से वाहन चालक संतुलन खो देते हैं. ऐसे में कोई भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है. कुछ ऐसा ही नजारा  देखने को मिला. डेहरी-रोहतास एनएच से लेकर डेहरी-बारुण सोन नदी ब्रिज पर. जहां मुख्य ब्रिज पर 200 मीटर तक बालू बिखरे होने से कई बाइक सवार संतुलन खोकर गिर पड़े. लेकिन राहत की बात रही कि पीछे से कोई वाहन नहीं आई. पीछे से कोई वाहन आती तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी.
डालमियानगर के राजेश कुमार व मोहन बिगहा के विनोद गुप्ता भी  संतुलन खो देने के कारण बीच सड़क पर गिर पड़े. एक तो एनएच 2 तो दूसरी तरफ ब्रिज. जिस पर एक घंटे के भीतर सैकड़ों ट्रक, बस, छोटे वाहन समेत दो पहिया वाहन सरपट दौड़ते हैं. ऐसे में इस ब्रिज पर 200 मीटर तक बालू का बिखराव बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे रहे हैं. लेकिन न ही प्रशासन की नजर इस तरफ जाती है और न ही राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों की. दिन में वाहन चालक संतुलन पा लेते हैं, लेकिन रात में वे संतुलन खो बैठते हैं. एक तरफ जहां बालू के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर पूरी तरह से प्रतिबंध है. ऐसे में सड़कों पर बिखरे बालू अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्न खड़ा करते हैं. बालू माफियाओं द्वारा अवैध तरीके से बालू उत्खनन कर ढुलाई करने से ओवर लोड ट्रैक्टरों से बालू सड़कों पर गिरते हैं. कभी प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान के डर से चालक बालू को सड़कों पर ही गिराकर भाग जाते है.

पुलिस-प्रशासन पर उठ रहे सवाल
एक तरफ जहां रोहतास पुलिस-प्रशासन अपने आप को काफी चुस्त दुरुस्त साबित करने में लगी है. ऐसे में बालू का अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण कैसे संभव है. पाली-मकराइन पुल पर हर तरफ बिखरे बालू दुर्घटना को निमंत्रण दे रहे हैं. मकराईन गांव निवासी धनजी यादव समेत अन्य लोगों ने इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों के पास फरियाद भी लगाई.
किंतु अब तक सड़क से बालू नहीं हटाया जा सका. पथ निर्माण विभाग तथा नगर परिषद एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं.

नालंदा  न्यूज़ डेस्क
 

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