उत्तराखंड न्यूज़ डेस्क, युवाओं ने इस लोकसभा चुनाव में बेरोजगारी, रोजगार और शिक्षा के मुद्दे उठाने की पुरजोर वकालत की है। उनका कहना है कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में गरीब तबके से ताल्लुक रखने वाले युवाओं की पढ़ाई में अक्सर आर्थिक तंगी आड़े आती है। रोजगार के अवसर न्यून होने के कारण पहाड़ से पलायन हो रहा है। ऐसे में शिक्षा और रोजगार के मुद्दे चुनाव में अहम होने चाहिए।आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ की ओर से गुरुवार को हल्द्वानी के इंदिरा प्रियदर्शिनी राजकीय स्नातकोत्तर महिला वाणिज्य महाविद्यालय में ‘युवा संसद’ का आयोजन किया गया। इसमें बीए, बीएससी और बीकॉम की छात्राओं ने लोकसभा चुनाव में युवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर बेबाकी से राय रखी। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए प्राचार्य प्रो. शशि पुरोहित ने ‘हिन्दुस्तान’ के प्रयास की सराहना की। कहा कि छात्राओं के लिए इस तरह का आयोजन भविष्य में लाभप्रद होगा। छात्राओं से उन्होंने कहा कि भविष्य में युवाओं ने ही संसद चलानी है। ऐसे में संसद में किन-किन मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए? इसकी जानकारी सभी को होनी चाहिए। प्राचार्य ने कहा कि सदन की तरह सड़कों पर भी लोकतंत्र चलता है। ऐसे में समाज के प्रत्येक वर्ग से जुड़े मुद्दों पर काम होना जरूरी है। पहले इसके लिए युवाओं को जागरूक होना होगा। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा, रोजगार-स्वरोजगार, स्वास्थ्य आदि मुद्दों पर राय रखने को प्रेरित किया।
ये छात्राएं भी बनीं युवा संसद का हिस्सा
कोमल कुमारी, मोनिका फर्त्याल, हिमांशी भट्ट, नेहा थुवाल, शिवानी कबड्वाल, पूजा बिष्ट, नीलम परिहार, तनुजा बिष्ट, निकिता बिष्ट, करीना बिष्ट, मीनाक्षी पचवाड़ी, कीर्ति बोरा, भावना कश्यप, सैजल, चम्पा ठठोला, निर्मला भंडारी, गंगा, ललिता, हिमांशी, करिश्मा जलाल, निया जोशी, मोनिका, अनुष्का, खुशी, अंजलि अल्चौनी आदि।यहां डॉ. रेखा जोशी, डॉ. नेहा सिंह, डॉ. बीना जोशी, डॉ. रश्मि पंत, डॉ. फकीर सिंह नेगी आदि रहे। आर्थिक तंगी के चलते कई युवाओं की उच्च शिक्षा हासिल करने की हसरत पूरी नहीं हो पाती है। ऐसे में एजुकेशन फंड, छात्रवृत्ति आदि की व्यवस्था की जानी चाहिए।नैनीताल न्यूज़ डेस्क!!!

