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Nainital महापंचायत के निशाने पर आए त्रिवेंद्र, चार साल में क्या काम हुआ नहीं पता
 

Nainital महापंचायत के निशाने पर आए त्रिवेंद्र, चार साल में क्या काम हुआ नहीं पता


उत्तराखंड न्यूज़ डेस्क, देवस्थानम बोर्ड के गठन का समर्थन करने पर चारधाम तीर्थ पुरोहित हकहकूकधारी महापंचायत ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत का विरोध किया. उनके बयान पर एतराज जताया. दो टूक साफ किया कि अभी भी बीकेटीसी पूरी तरह सरकार के अधीन है. बोर्ड भंग करने से वित्तीय स्थिति पर कोई अलग प्रभाव नहीं पड़ा है.

महापंचायत के अध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल और महामंत्री हरीश डिमरी ने कहा कि बार बार एक ही बात बोल कर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत अपने जनविरोधी फैसले को सही ठहराने का प्रयास कर रहे हैं. जबकि पूर्व सीएम के जनविरोधी फैसले को उन्हीं की सरकार ने वापस लेने का फैसला लिया था. देवस्थानम बोर्ड का गठन पूरी तरह गलत था. हकहकूकों पर डाका था. अब जब उनकी नीति पूरी तरह फेल हो गई, तो अब जोशीमठ के नाम पर राजनीति करने का प्रयास किया जा रहा है. कहा कि पूर्व सीएम कह रहे हैं कि देवस्थानम बोर्ड होता तो 150 करोड़ रुपये तत्काल जोशीमठ के विकास को उपलब्ध हो जाते. उनका ये बयान पूरी तरह हास्यास्पद है. क्योंकि सरकार जोशीमठ के विकास के लिए दो हजार करोड़ का प्लान तैयार कर रही है. ऐसे में 150 करोड़ में कैसे जोशीमठ का विकास हो जाता. ऐसे में पूर्व सीएम को जोशीमठ की आपदा में सरकार का सहयोग करना चाहिए, न कि राजनीति चमकानी चाहिए.
महापंचायत के प्रवक्ता रजनीकांत सेमवाल ने कहा कि पूर्व त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चारधाम के तीर्थपुरोहितों के विरोध के बीच देवस्थानम बोर्ड बनाया था और अफसरों की तैनाती की थी. ऐसे में वह बताएं कि देवस्थानम बोर्ड ने चार साल में क्या किया है.

नैनीताल न्यूज़ डेस्क !!!
 

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