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Nainital बैठक का बहिष्कार कर धरने पर बैठे विधायक,भाजपा के एजेंट बन चुके अधिकारी सुमित
 

Nainital बैठक का बहिष्कार कर धरने पर बैठे विधायक,भाजपा के एजेंट बन चुके अधिकारी सुमित

उत्तराखंड न्यूज़ डेस्क, कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक का विरोध किया. नगर निगम के अधिकारियों पर कांग्रेस विधायक व पार्षदों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया. कहा कि विकास योजनाओं में उन्हें शामिल नहीं किया जा रहा है. कांग्रेसियों को बैठक में नहीं आने देने व भाजपा नेताओं की मौजूदगी से नाराज विधायक सुमित, बैठक का बहिष्कार कर धरने पर बैठ गए. बाद में उन्होंने अपनी नाराजगी मुख्यमंत्री के समक्ष दर्ज की.
 दोपहर समीक्षा बैठक में हिस्सा लेने सुमित हृदयेश कांग्रेस पार्षदों व दो अन्य कांग्रेसियों के साथ गौलापार सर्किट हाउस पहुंचे. जैसे ही वह बैठक कक्ष में पहुंचे तो निगम के एक अधिकारी ने सिर्फ विधायक के बैठक में मौजूद रहने और कार्यकर्ताओं के बाहर जाने की बात कही. इस पर विधायक हृदयेश ने कहा कि भाजपा के पांच से अधिक कार्यकर्ता किस अधिकार से बैठक में मौजूद हैं. बैठक में जितने नेता भाजपा के मौजूद हैं उतने ही कांग्रेस के भी होने चाहिए. इस दौरान उन्होंने निगम अधिकारियों पर शहर की विकास योजनाओं उन्हें शामिल नहीं किए जाने का आरोप लगाया. कहा कि वह अधिकारियों से व्यवहार से नाराज होकर बैठक का बहिष्कार कर रहे हैं. इसके बाद सुमित सर्किट हाउस के गेट पर धरने पर बैठ गए.

उनके साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. विधायक के साथ मौजूद फरमान सिद्दीकी से पुलिस की नोकझोंक भी हो गई. डीएम व एसएसपी ने भी विधायक को मनाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने. धरने पर बैठे विधायक ने मुख्यमंत्री के काफिले को रोककर उनसे बात करने का प्रयास किया, लेकिन काफिला गेट पर नहीं रुका. इसके बाद सुमित हृदयेश ने बैठक कक्ष में मुख्यमंत्री से नाराजगी जाहिर की. इस दौरान डीआईजी नीलेश आनंद भरणे की भी विधायक सुमित हृदयेश से नोकझोंक हुई. उन्होंने डीआईजी से कहा वह उनसे नहीं मुख्यमंत्री से शिकायत दर्ज करने आए हैं. इस दौरान अधिकारियों व भाजपा नेताओं ने उन्हें बैठक में बैठाने का प्रयास किया लेकिन वह विरोध दर्ज कर बाहर चले गए. पार्षद रवि जोशी व अरमान सिद्दीकी भी बाहर आ गए.

हंगामे के बाद बयान जारी कर विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि 2000 करोड़ की योजनाओं पर काम कर रही नोडल एजेंसी अब तक 12 बैठक ले चुकी है. जबकि इनमें से किसी भी बैठक की जानकारी उन्हें नहीं दी गई. सीएम की बैठक में उन्होंने इस बात पर नाराज़गी व्यक्त की. विधायक ने आरोप लगाया कि उन्हें राजनीतिक षड्यंत्र के तहत शासन, प्रशासन के अधिकारी जानबूझकर अपमानित कर रहे हैं. इसे वह बर्दाश्त नहीं करेंगे और मामले को सदन में उठाएंगे.

नैनीताल न्यूज़ डेस्क !!!
 

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