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नागौर में मायरे की अनोखी रस्म: 21 लाख कैश, 25 बीघा जमीन और सोने-चांदी के जेवरात से सजी शादी

नागौर में मायरे की अनोखी रस्म: 21 लाख कैश, 25 बीघा जमीन और सोने-चांदी के जेवरात से सजी शादी

राजस्थान के नागौर जिले में एक बार फिर पारंपरिक “मायरा” चर्चा का विषय बन गया है। इस बार चार भाइयों ने अपनी बहन के परिवार के बच्चों की शादी में करीब 1.5 करोड़ रुपये से अधिक का मायरा भरकर सबको हैरान कर दिया। इस मायरे में 21 लाख रुपये नकद, 25 बीघा जमीन और सोने-चांदी के भारी-भरकम जेवरात शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, जायल उपखंड क्षेत्र के इन चार भाइयों ने अपनी इकलौती बहन के बच्चों की शादी के अवसर पर यह भव्य मायरा भरा। परंपरा के अनुसार मायरा (जिसे भात भी कहा जाता है) ननिहाल पक्ष की ओर से बहन और उसके बच्चों की शादी में आर्थिक और सामाजिक सहयोग के रूप में दिया जाता है।

🎁 उपहारों की झड़ी, करोड़ों में पहुंचा मायरा

इस मायरे में 21 लाख 51 हजार रुपये नकद के साथ-साथ करीब 25 बीघा कृषि भूमि भी बहन के नाम की गई। इसके अलावा सोने और चांदी के आभूषण भी बड़ी मात्रा में भेंट किए गए, जिससे इस मायरे की कुल कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

शादी समारोह में भरे गए इस मायरे को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार मौजूद रहे। रस्म के दौरान माहौल भावुक और उत्साह से भरा रहा, जहां भाइयों ने अपनी बहन के परिवार के प्रति स्नेह और जिम्मेदारी का भाव व्यक्त किया।

👨‍👩‍👧 पारंपरिक मायरे की बढ़ती भव्यता

राजस्थान में मायरा एक पुरानी सामाजिक परंपरा है, जिसमें मामा या ननिहाल पक्ष विवाह के अवसर पर बहन के परिवार को उपहार देता है। पहले यह परंपरा सीमित स्तर तक होती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह रस्म बड़े आर्थिक और सामाजिक प्रदर्शन का रूप लेती जा रही है।

नागौर और आसपास के क्षेत्रों में ऐसे कई मामले सामने आते रहे हैं, जहां मायरे की राशि लाखों से लेकर करोड़ों तक पहुंच चुकी है। इससे यह परंपरा एक सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ चर्चा और प्रतिस्पर्धा का विषय भी बन गई है।

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