बाठड़िया चौक में पारंपरिक डांडिया महोत्सव का आयोजन, देर रात तक झूमे श्रद्धालु
Jaisalmer में ब्राह्मण स्वर्णकार समाज की ओर से रविवार रात बाठड़िया चौक में पारंपरिक डांडिया महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज के लोगों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शहरवासी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक संगीत और डांडिया नृत्य की रंगत देर रात तक देखने को मिली।
आयोजन की शुरुआत रात्रि करीब साढ़े आठ बजे विधिवत रूप से की गई। इसके बाद पारंपरिक डांडिया गायन की धुन पर समाज के महिला-पुरुष, युवा और बच्चों ने उत्साह के साथ नृत्य किया। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में सजे प्रतिभागियों ने डांडिया खेलते हुए माहौल को उत्सवमय बना दिया। रात साढ़े 11 बजे तक चौक में डांडिया नृत्य का सिलसिला लगातार चलता रहा।
इसके बाद डांडिया का यह कारवां शहर के प्रसिद्ध Nagar Seth Bansiwala Temple की ओर रवाना हुआ। श्रद्धालु पारंपरिक वाद्ययंत्रों और भक्ति गीतों के साथ जुलूस के रूप में मंदिर पहुंचे। रास्ते में भी लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए भक्ति और संस्कृति की झलक पेश की।
मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद वहां भी डांडिया और भक्ति गीतों का कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंदिर परिसर में देर रात तक श्रद्धालु भक्ति और उल्लास के माहौल में झूमते नजर आए।
समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि इस तरह के आयोजन समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम हैं। इन आयोजनों से समाज में एकता और भाईचारे की भावना मजबूत होती है तथा नई पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है।
स्थानीय लोगों ने भी इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम शहर की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत बनाए रखते हैं। डांडिया महोत्सव के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल देखने को मिला और लोग देर रात तक कार्यक्रम का आनंद लेते रहे।
इस प्रकार बाठड़िया चौक में आयोजित पारंपरिक डांडिया महोत्सव ने शहरवासियों को सांस्कृतिक उल्लास और धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए एक यादगार आयोजन का रूप ले लिया।

