कुचामन में धमकी के बाद बाजार बंद, फुटेज में जाने भाजपा नेता के समर्थकों ने थाने पर किया धरना
डीडवाना-कुचामन जिले के कुचामन शहर में भाजपा नेता विजय सिंह पलाड़ा को मिली धमकी के बाद आज पूरा शहर सूना रहा। शहर का बाजार सुबह से बंद रहा और एक भी दुकान खुली नहीं। इस स्थिति के चलते नागरिकों और व्यापारियों में चिंता का माहौल देखा गया।
सूत्रों के अनुसार, विजय सिंह पलाड़ा के समर्थकों ने शहर में रैली निकाली और थाने के सामने धरना दिया। धरने में शामिल लोगों ने कहा कि वे नेता और आम नागरिक की सुरक्षा के लिए हर कदम उठाएंगे।
इस मौके पर राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह ने विवादित बयान देते हुए कहा, “एक गोली अगर लगेगी तो दस का बदला लिया जाएगा। यदि कोई रुकने की कोशिश करेगा, तो कोई नहीं रुकेगा।” उन्होंने अपने माथे पर कफन बांधकर और आक्रामक अंदाज में अपनी चेतावनी दी। महिपाल सिंह ने कहा कि यह चेतावनी केवल डराने-धमकाने के लिए नहीं है, बल्कि इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
वहीं, खोखो संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिवराज सिंह पलाड़ा ने कहा कि यदि गैंगस्टर्स पकड़े जाते हैं तो उन्हें सड़कों पर एनकाउंटर किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कदम सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है और अपराधियों के मनोबल को तोड़ने के उद्देश्य से उठाया जाना चाहिए।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने इस माहौल को लेकर चिंता व्यक्त की। कई दुकानदारों ने बताया कि शहर का बाजार पूरी तरह बंद होने से उनके व्यवसाय पर भारी असर पड़ा। वहीं आम नागरिक भी अपने घरों में रहने को मजबूर रहे, क्योंकि शहर में तनाव और असुरक्षा का माहौल था।
पुलिस प्रशासन ने शहर में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। थाने और आसपास के क्षेत्रों में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाह या हिंसा से दूर रहें।
विशेषज्ञों का मानना है कि राजनीतिक और सामुदायिक संगठनों के बीच ऐसे तनावपूर्ण हालात अक्सर शहरों में अस्थिरता पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा और खुलेआम धमकी देने वाली घटनाओं से कानून व्यवस्था प्रभावित होती है और प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी पड़ती है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि के विशेषज्ञों का कहना है कि भाजपा नेता के खिलाफ धमकी और समर्थकों का जोरदार प्रदर्शन स्थानीय राजनीति और सामाजिक दबाव का संकेत है। इसे केवल एक व्यक्तिगत विवाद के रूप में नहीं देखा जा सकता, बल्कि इसमें सामुदायिक और राजनीतिक असर भी जुड़ा हुआ है।
कुल मिलाकर, कुचामन शहर में विजय सिंह पलाड़ा को मिली धमकी के बाद बाजार बंद, धरना और रैली ने पूरे जिले में तनावपूर्ण माहौल पैदा कर दिया। पुलिस और प्रशासन इस स्थिति को नियंत्रित करने में लगे हुए हैं, जबकि राजनीतिक और सामाजिक संगठन अपने-अपने बयानों और कड़ी चेतावनी के माध्यम से सक्रिय नजर आ रहे हैं।

