नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) प्रमुख हनुमान बेनीवाल मंगलवार को बाड़मेर दौरे पर रहे, जहां उन्होंने एक बार फिर अपने बयानों से राजनीतिक माहौल गरमा दिया। अपने संबोधन में उन्होंने न केवल राष्ट्रीय राजनीति पर टिप्पणी की, बल्कि राजस्थान की सत्ता और विपक्ष दोनों पर भी तीखे प्रहार किए।
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनाव परिणाम देश की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने दावा किया कि यदि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की जीत होती है, तो इसका असर दिल्ली की राजनीति पर भी पड़ेगा और केंद्र की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
अपने भाषण में उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि जिन्हें बाड़मेर की जिम्मेदारी दी गई थी, उन्होंने उनकी पार्टी को कमजोर करने का काम किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को नुकसान पहुंचाया गया और उसे पूरी तरह से खत्म करने की कोशिश की गई।
बेनीवाल ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी ने कठिन परिस्थितियों में राजनीतिक सफलता हासिल की है, लेकिन इसके बावजूद आंतरिक कमजोरियां बनी हुई हैं।
राजस्थान की वर्तमान सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राज्य की स्थिति ऐसी है कि उन्हें यह तक कहने में शर्म आती है कि वे राजस्थान से सांसद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री को लेकर उनकी गंभीर आपत्तियां हैं और राज्य का प्रशासनिक ढांचा संतोषजनक नहीं है।
अपने बयान के दौरान उन्होंने भावनात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि कभी-कभी उन्हें इस्तीफा देने का मन करता है, क्योंकि मौजूदा राजनीतिक स्थिति से वे संतुष्ट नहीं हैं।
हनुमान बेनीवाल के इन बयानों के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और विभिन्न दलों की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल उनके इस बयान को लेकर सियासी बहस और तेज होने की उम्मीद है।

