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Muzaffarpur बिना सत्यापन हजारों खेसरा रोक सूची में
 

Muzaffarpur बिना सत्यापन हजारों खेसरा रोक सूची में


बिहार न्यूज़ डेस्क  जिले में सरकारी जमीन की अवैध-खरीद बिक्री रोकने के लिए बनी रोक सूची की पोल अब खुलने लगी है. निबंधन विभाग द्वारा दिए गए निर्देश के दो माह बाद भी अंचलाधिकारी सभी खेसरा का सत्यापन नहीं कर पाए.
जिले की रोक सूची में शामिल करीब डेढ़ लाख खेसरा की जमीन खरीद-बिक्री के लिए लोग भटक रहे हैं और अंचलाधिकारियों की अनुशंसा पर लागू रोक सूची की समीक्षा खुद अंचलाधिकारी ही नहीं कर पा रहे हैं. निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के निर्देश के दो माह बाद भी अंचलों से रोक सूची की समीक्षा रिपोर्ट जिले में नहीं आई है. बड़ी संख्या में रोक सूची में शामिल जमीन की खरीद-बिक्री के लिए आवेदन आ रहे हैं, लेकिन अंचलाधिकारियों के यहां से रिपोर्ट न मिलने के कारण उनकी खरीद-बिक्री नहीं हो पा रही है.

अब जब अंचलों में रोक सूची में शामिल जमीन की चौहद्दी व वार्ड तथा थाना नम्बर खोजा जा रहा है, तो वह रिकार्ड ही नहीं मिल रहा है. रिकार्ड न मिलने के कारण एक खेसरा जिसे लॉक किया गया है, उस नम्बर का खेसरा प्रत्येक वार्ड व थाना नम्बर का लॉक पाया गया है. अंचलाधिकारी अब यह समझ नहीं पा रहे हैं कि वास्तव में रोक सूची में शामिल होने वाली जमीन कौन सी है, जिसे छोड़कर बाकी को अनलॉक करने की अनुशंसा की जाए.
डीएम प्रणव कुमार ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में  सभी अंचलाधिकारियों के साथ बैठक की. सभी अंचलाधिकारियों को वैसी सभी जमीन संबंधी आंकड़े देने का निर्देश दिया, जिसमें निबंधन संबंधित किसी स्तर पर रोक लगाई गयी है. उस सूची को फिल्टर करते हुए दो दिन के अंदर जिला निबंधन कार्यालय में संसूचित करने का निदेश दिया गया है.


मुजफ्फरपुर न्यूज़ डेस्क 

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