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Muzaffarpur 280 ट्रकों को लीज पर लेकर गायब करने वाला मास्टरमाइंड पटना का, लीज वाले ट्रक का इंजन चेसिस नंबर बदलकर करते थे बिक्री
 

Muzaffarpur 280 ट्रकों को लीज पर लेकर गायब करने वाला मास्टरमाइंड पटना का, लीज वाले ट्रक का इंजन चेसिस नंबर बदलकर करते थे बिक्री


बिहार न्यूज़ डेस्क  छत्तीसगढ़ के रायपुर में गिरफ्तार मुजफ्फरपुर के ट्रांसपोर्टर सत्येंद्र कुमार सिंह के भाई वीरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया है कि बिहार में 280 ट्रकों को लीज पर लेकर पटना के मास्टर माइंड नागेंद्र कुमार सिन्हा ने गायब किया है. नागेंद्र सिन्हा ने पटना में लोहानी मोड़ के पास गोल्डेन कढ़ी रेस्टोरेंट के ऊपर अपना कार्यालय खोल रखा है. इसके दो पार्टनर राकेश और सिद्धांत हैं.

वीरेंद्र कुमार ने सदर थाने की पुलिस को नागेंद्र सिन्हा समेत उसके दो अन्य पार्टनरों का भी मोबाइल नंबर दिया है. नागेंद्र मूल रूप से पटना के लोहानीपुर इलाके के केसरकुंज का निवासी है. गत 19 नवंबर को वीरेंद्र ने ही सदर थाने में भाई सत्येंद्र कुमार सिंह के अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस से जांच व कार्रवाई का अनुरोध किया था. पुलिस ने नागेंद्र सिन्हा और उसके दोनों पार्टनर के मोबाइल का टावर लोकेशन निकाला तो बीते 19 नवंबर से लगातार बंद पाया गया. रायपुर में यादव नगर के सत्येंद्र सिंह की गिरफ्तारी की जानकारी होने के बाद सदर थाने की पुलिस अब मामले में अपने स्तर से आगे की जांच शुरू की है. भाई वीरेंद्र ने पुलिस को बताया है कि सत्येंद्र के पास अपने 16 ट्रक हैं. इन ट्रकों को भी नागेंद्र व उसके पार्टनर ने लीज पर लेकर गायब कर दिया है. इधर, सत्येंद्र के माध्यम से नागेंद्र सिन्हा को लीज पर ट्रक दिए चांदनी चौक, शेरपुर समेत कई इलाके के ट्रांसपोर्टर सदर थाने में ट्रक गायब होने की एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी में हैं. चांदनी चौक के एक ट्रांसपोर्टर ने सत्येंद्र के माध्यम से 27 ट्रक दे रखा है. मोतिहारी, सीतामढी और वैशाली के ट्रांसपोर्टर भी दर्जनों ट्रक सत्येंद्र के माध्यम से लीज पर दिया था जिनका अभी अता-पता नहीं है. फिलहाल रायपुर में दबोचे गये गैंग के आठ आरोपितों से पूछताछ के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस भी अपने स्तर से कई बिन्दुओं पर छानबीन कर रही है. आशंका है कि इसमें बिहार के कुछ और शातिरों के भी नाम आ सकते हैं.
ट्रक ऑनर को नागेंद्र अपने खाते का देता था चेक
वीरेंद्र कुमार ने सदर पुलिस को दिये आवेदन के साथ नागेंद्र सिन्हा से प्राप्त करीब 12 लाख के तीन चेक भी पुलिस को सौंपा है. पटना के कदमकुंआ स्थित सेंट्रल बैंक शाखा में मास्टर माइंड नागेंद्र का खाता है. बताया है कि लीज पर ट्रक लेने के लिए केवल नागेंद्र सिन्हा के नाम से एग्रीमेंट बनता था. उसमें सत्येंद्र गवाह होता था. 80 से 90 हजार रुपये मासिक किराये पर लिए गए ट्रक को चलवाने के लिए कई शर्तें थीं. इसमें ट्रक ऑनर का चालक नहीं रहता था. ट्रक में लगे जीपीएस भी नागेंद्र हैंडल करता था. ऑनरों को केवल अपना पेपर अपडेट रखने को कहते थे. बाकी सारी जिम्मेवारी नागेंद्र की होती थी.


मुजफ्फरपुर न्यूज़ डेस्क 
 

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