Samachar Nama
×

Munger सैकड़ों एकड़ में समय पर नहीं हो सकेगी बुआई
 

Munger सैकड़ों एकड़ में समय पर नहीं हो सकेगी बुआई


बिहार न्यूज़ डेस्क  सदर मुंगेर प्रखंड के अंतर्गत कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां लगभग सालों भर पानी जमा रहता है, तो कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां पटवन की भी समुचित सुविधा नहीं है. ऐसे ही क्षेत्रों में दियारा के साथ-साथ चिकदह एवं चड़ौन बहियार है, जहां अब तक काफी हिस्सों में बाढ़ का पानी फैला हुआ है. चिकदह बहियार में तो सैकड़ों एकड़ जमीन लगभग 9 महीने तक जलमग्न रहता है. वहीं, चड़ौन बहियार में भी लंबे समय तक पानी के जमे रहने के कारण काफी देर से रबी फसल की बुआई हो पाती है.
इसके साथ- साथ प्रखंड के दियारा क्षेत्रों में भी कई जगहों पर अभी तक या तो बाढ़ का पानी जमा हुआ है अथवा खेत सूखा ही नहीं है. ऐसे में प्रखंड के अंतर्गत सैकड़ों एकड़ जमीन में समय पर रबी फसलों की बुआई नहीं हो सकेगी. प्रखंड के ऐसे क्षेत्रों में यह हर साल की समस्या है. किंतु, इस समस्या के समाधान की ओर अभी तक किसी का ध्यान नहीं गया है. स्थिति यह है कि, प्रत्येक वर्ष सैकड़ों एकड़ जमीन यूं ही बेकार चली जाती है.

कहते हैं किसान प्रखंड के हरदियाबाद के किसान शशि कुमार, कुतलूपुर के पंकज चौधरी, पंकज सिंह, निर्मल चौधरी, चड़ौन के संतोष सिंह, गौरी शंकर चौधरी, मोहन चौधरी आदि कई किसानों ने कहा कि, सरकार यदि पानी के निकास की व्यवस्था करे तो सैकड़ों एकड़ जमीन में रबी फसलों की बुआई समय पर हो सकती है. अधिक समय तक जलजमाव के कारण या तो रबी फसलों की बुआई नहीं होती है या काफी देर से होती है. ऐसे में देर से बुआई होने के कारण ऊपज में काफी कमी आ जाती है.
अभी तक प्रखंड के अंतर्गत केवल ऊंचे क्षेत्रों में मुख्य रूप से दलहनी एवं तिलहनी फसलों की बुआई हुई है. कहीं-कहीं गेहूं की बुवाई शुरू हुई है. विभाग द्वारा अभी तक किसानों को गेहूं का बीज उपलब्ध नहीं कराया गया है. इसके अतिरिक्त कई नीचे के क्षेत्रों में खेती करने के लायक जमीन तैयार नहीं है. क्योंकि, खेत अभी तक सूखा नहीं है. उन्होंने कहा कि, ऐसे क्षेत्रों में किसान लेट वैरायटी की फसल लगाएं. इससे उनकी उपज बहुत अधिक प्रभावित नहीं होगी.
- विनय कुमार सिन्हा
बीएओ, सदर मुंगेर

मुंगेर न्यूज़ डेस्क
 

Share this story