बिहार न्यूज़ डेस्क प्रखंड के डारह नवटोलिया गांव में पांच दिवसीय काली पूजा के दौरान तीन दिवसीय कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित हुआ. शाम दंगल प्रतियोगिता के अंतिम दिन दर्जनों मुकाबले हुये. अखाड़े के चारों तरफ मौजूद हजारों की भीड़ ने रोमांचक मुकाबले का भरपूर लुत्फ उठाया. पहलवानों का कुश्ती देखने अखाड़े के चारों तरफ दर्शकों की भारी-भीड़ थी. कुछ मुकाबले अणिर्नीत भी रहे.
बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश सहित देश के अन्य राज्यों के नामचीन पहलवान कुश्ती प्रतियोगिता में भाग लिया. शाम दंगल प्रतियोगिता के अंतिम दिन राजस्थान के कालू पहलवान ने मध्यप्रदेश के महाबली पहलवान को हराया. जबकि बक्सर के प्रभु पहलवान ने उत्तरप्रदेश के नाटा पहलवान को पराजित किया. वहीं उत्तरप्रदेश के नाटा पहलवान ने बक्सर के आफताब पहलवान को चित किया. इसी तरह चंपारण के राणा फौजी पहलवान ने गोरखपुर के रामबाबू पहलवान को पटखनी दी. अन्य पहलवानों ने भी कुश्ती के दौरान शानदार कला-कौशल का प्रदर्शन किया.
विजेता एवं उपविजेता पहलवानों को मेला कमेटी के अध्यक्ष तिरपित नारायण यादव सहित गणमान्य लोगों द्वारा पुरस्कृत किया गया. निर्णायक की भूमिका शंकर पहलवान निभा रहे थे. जबकि कमेंट्री शंकर पहलवान ही कर रहे थे. वहीं नंगारे पर चोट भुवनेश्वर राम दे रहे थे. मौके पर मेला कमेटी के अध्यक्ष तिरपित नारायण यादव, हरेराम यादव, राम भरोस महतो, बसंत यादव, सुनील कुमार, गौरी महतो, गंगाराम यादव, कामेश्वर यादव, तिलाई महतो सहित अन्य लोग मौजूद थे.
मैथिली को क्लासिकल भाषा का दर्जा देने को लिखा पत्र
पिछले माह पांच भाषाओं को केंद्र सरकार ने क्लासिकल भाषा के रूप में मान्यता प्रदान किया है. लेकिन मैथिली को मान्यता नहीं मिलने पर मिथिलावासी उदास हैं. मिथिला विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं साहित्य अकादमी नई दिल्ली में मैथिली परामर्शदात्री समिति के पूर्व सदस्य अशोक झा ने इसके लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मैथिली भाषा को क्लासिकल रूप से मान्यता दिए जाने की मांग की है.
उन्होंने मुख्यमंत्री पर मैथिली भाषा को नजरअंदाज करने का आरोप भी लगाया है. श्री झा ने कहा है कि 2011 के सेंसस में मैथिली भाषा बोलने वालों की संख्या करीब एक करोड़ बीस लाख है. 2003 में तत्कालीन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने मैथिली को भारत को संवैधानिक मान्यता दिया.
उन्होंने चेताया है की मैथिली भाषा को क्लासिकल भाषा के रूप में मान्यता नहीं दिए जाने पर सरस्वती पूजा के पश्चात पटना सचिवालय के समक्ष मिथिला विकास परिषद के बैनर तले सांकेतिक अनशन किया जाएगा. प्रतिलिपि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी भेजा है.
मोतिहारी न्यूज़ डेस्क

