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Motihari सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में जिले का एक भी कॉलेज नहीं है शामिल, वर्ष 1940 में स्थापित आरके कॉलेज में नेपाल व अन्य देशों से भी पढ़ने आते थे छात्र
 

Motihari सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में जिले का एक भी कॉलेज नहीं है शामिल, वर्ष 1940 में स्थापित आरके कॉलेज में नेपाल व अन्य देशों से भी पढ़ने आते थे छात्र


बिहार न्यूज़ डेस्क वर्तमान में इस जिला में एक भी कॉलेज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में नहीं है. इस जिला के प्रसिद्ध महाविद्यालय में रामकृष्ण महाविद्यालय का नाम सर्वोच्च स्थान पर है. आरके कॉलेज की स्थापना 1940 में हुई. उन दिनों प्रदेश सहित देशभर में आरके कॉलेज की प्रसिद्ध थी. विदेशों से लोग यहां पढ़ने आते थे. नेपाल के हजारों छात्र इस महाविद्यालय में अध्ययन करते थे.

इस महाविद्यालय में विद्वान शिक्षकों की भरमार थी. महाविद्यालय के भूगोल एवं वाणिज्य विभाग का प्रदेश भर में नाम था. वाणिज्य, भूगोल, गणित, हिंदी, भौतिक शास्त्रत्त्, रसायन शास्त्रत्त् आदि विषय के अनेक नामी गिरामी प्राध्यापक इस महाविद्यालय में कार्यरत थे. उन दिनों छात्रों की संख्या कम थी तो संसाधन भी महाविद्यालय में कम थे. दिन-ब-दिन जनसंख्या की वृद्धि एवं शिक्षा की दर में वृद्धि की वजह से आज इस महाविद्यालय में 19000 छात्र प्रतिवर्ष अध्ययन कर रहे हैं.
अंग्रेज विद्वान शिक्षक प्रो एबडिन उन दिनों आरके कॉलेज के प्रथम प्रधानाचार्य बनाए गए थे. नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री बीपी कोइराला के भाई शरद कोइराला इस महाविद्यालय के छात्र थे. ज्इस महाविद्यालय में अध्ययन कर रहे हजारों छात्र छात्राएं नामी संस्था में उच्च पदों पर पदासीन हुए. कई छात्र नामी जनप्रतिनिधि भी हुए.
पुस्तकालय का नहीं हो सका डिजिटलाइजेशन
महाविद्यालय में वाई-फाई की सुविधा छात्रों को मिली. अत्याधुनिक तकनीकी प्रयोग के द्वारा सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था की गई. लेकिन महाविद्यालय पुस्तकालय का डिजिटलाइजेशन अभी तक नहीं हो सका है. महाविद्यालय में व्यवसायिक शिक्षा के अंतर्गत मानव संसाधन विकास विभाग भारत सरकार एवं यूजीसी द्वारा प्रायोजित विभिन्न व्यवसायिक शिक्षा जैसे बायो टेक्नोलॉजी डिप्लोमा इन रिटेल एवं डिप्लोमा इन हेल्थ केयर की पढ़ाई शुरू की गई. इन तीनों रोजगारपरक शिक्षा में छात्रों को सरकारी व निजी संस्थाओं में रोजगार के अवसर भी मिले. अभी इस महाविद्यालय के प्रयोगशाला में संसाधनों की कमी है. प्रयोगशाला में गैस केमिकल स्टाफ का अभाव है.
महाविद्यालय के दूसरे प्रधानाचार्य प्रो ए के दत्ता बिहार के प्रसिद्ध गणितज्ञ थे. महाविद्यालय के कई छात्र आईएएस एवं आईपीएस ऑफिसर हुए. इस महाविद्यालय के कई छात्र केंद्र सरकार में मंत्री भी हुए. महाविद्यालय का उत्तरोत्तर विकास हुआ एवं होता रहेगा.
-डॉ. सुरेंद्र प्रसाद मंडल, पूर्व रसायन शस्त्र विभागाध्यक्ष, आरके कॉलेज

मोतिहारी  न्यूज़ डेस्क
 

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