Mathura पहाड़ सी पीर पिघली, बेटी से लिपट मां रोई,मां के आंचल की छांव के लिए तड़पता रहा मासूम
उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क 15 माह तक एक दूसरे से अलग रह रही मां-बेटी का मिलन हो गया.बाल कल्याण समिति के आदेश के बाद अनाथालय में निवासरत बच्ची को जेल में निरुद्ध उसकी मां को सौंप दिया गया.जीआरपी के फर्जी खुलासे के कारण मां बेटी जुदा हो गई थीं.
जीआरपी द्वारा 11 अक्तूबर 2023 को बच्चा चोरी की घटना का खुलासा किया गया था.जीआरपी ने इस मामले में हिना चौहान पत्नी राजा चौहान निवासी बारसी सोलापुर महाराष्ट्र सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था.खुलासे के समय दावा किया गया था कि हिना चौहान और उसके साथियों के कब्जे से जिस बच्ची को बरामद किया गया है, वो बच्ची वही है जो 1 2023 को जंक्शन के सर्कुलेटिंग एरिया से चोरी हुई थी.इसकी रिपोर्ट भरतपुर निवासी फूलवती द्वारा जीआरपी थाने में दर्ज कराई गई थी.घटना के खुलासे के समय हिना चौहान ने बच्ची को अपना बताया था.वहीं फूलवती ने बरामद बच्ची को अपना होने का दावा किया था.तब खुलासा करने वाली जीआरपी की टीम ने हिना चौहान की बात पर यकीन नहीं किया था.हिना चौहान सहित सभी पांच आरोपियों को जेल भेजने के बाद विवेचक ने बच्ची फूलवती को सौंपे जाने के लिए बाल कल्याण समिति को प्रार्थना पत्र भी दिया था।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने विवेक पूर्ण निर्णय लेते हुए विवेचक के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया था.तब समिति के अध्यक्ष ने बच्ची का डीएनए टेस्ट कराए जाने के निर्देश जारी किए थे.इसके बाद जीआरपी ने बच्ची का डीएन सैम्पल लेकर उसे जांच को भेज दिया था.रिपोर्ट आने तक बच्ची को बाल शिशु गृह में आवासित करा दिया था.डीएनए रिपोर्ट आने पर बच्ची हिना चौहान निर्दोष साबित हुई और जीआरपी द्वारा किया गया खुलासा फर्जी साबित हो गया.से पत्राचार कर जेल में निरूद्ध हिना चौहान से प्रार्थना पत्र तलब किया.जेल प्रशासन के माध्यम से हिना चौहान का प्रार्थना पत्र बाल कल्याण समित को प्राप्त हुआ.बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजेश चौहान ने बताया कि डीएनए रिपोर्ट के आधार पर जीआरपी द्वारा बरामद की गई बच्ची हिना चौहान की है.बाल शिशु गृह में निवासरत बच्ची जेल में निरुद्ध हिना चौहान को सौंप दी गई है.बच्ची और उसकी मां करीब 15 माह से अलग रह रही थीं।
मथुरा न्यूज़ डेस्क

