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Mandi  Himachal Pradesh Assembly Election 2022; जिस पार्टी को इस जिले की जनता का समर्थन मिला उसे सत्ता मिली, 2017 में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हुआ था

Mandi  Himachal Pradesh Assembly Election 2022; जिस पार्टी को इस जिले की जनता का समर्थन मिला उसे सत्ता मिली, 2017 में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हुआ था

हिमाचल प्रदेश न्यूज़ डेस्क, हिमाचल प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी, रीति बदलेगी या परंपरा जारी रहेगी, हिमाचल में अब इसी बात की चर्चा हो रही है. राज्य की जनता के साथ-साथ दोनों प्रमुख पार्टियों भाजपा-कांग्रेस के नेता व कार्यकर्ता भी जमा-घटाने में लगे हैं. अगर इतिहास पर नजर डालें तो जिस पार्टी के साथ मंडी चली है यानी जिस पार्टी को मंडी जिले में ज्यादा सीटें मिली हैं उसकी सरकार राज्य में बनी है. मंडी जिले के लोग हर पांच साल बाद सरकार बदलने की परंपरा भी निभाते रहे हैं। मंडी को पहली बार मुख्यमंत्री की कुर्सी मिली है। यह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का गृह जिला है। ऐसे में बीजेपी इस बार भी यहां से काफी उम्मीद लगाए बैठी है. कांग्रेस भी सात से आठ सीटें पाने का दावा कर रही है।

जनता पार्टी को 1977 में 10 में से 8 सीटें मिली थीं
1977 में राज्य में जनता पार्टी की सरकार बनी। जनता पार्टी को 10 में से आठ सीटें मिली थीं। कांग्रेस दो सीटों पर सिमट गई। 1982 में कांग्रेस की सरकार बनी। बीजेपी को सिर्फ दो सीटें मिलीं। पांच सीटों पर कांग्रेस और तीन सीटों पर निर्दलीय जीते थे। 1985 के चुनाव में कांग्रेस ने सात, भाजपा ने दो और एक निर्दलीय ने एक सीट जीती थी। सरकार कांग्रेस द्वारा बनाई गई थी। 1990 के चुनाव में बीजेपी और जनता दल गठबंधन को आठ सीटें मिली थीं. एक सीट निर्दलीय की झोली में आई। कांग्रेस को सिर्फ एक सीट मिली थी। शांता कुमार के नेतृत्व में राज्य में भाजपा की सरकार बनी। 1993 में कांग्रेस ने यहां इतिहास रचा था। ठाकुर कर्म सिंह के बाद पंडित सुखराम ने मुख्यमंत्री का नारा दिया। नारे का असर यह हुआ कि बीजेपी का सूपड़ा साफ हो गया। कांग्रेस ने नौ सीटों पर जीत हासिल की थी और कांग्रेस के असंतुष्टों ने एक सीट जीती थी।
मंडी न्यूज़ डेस्क!!!
 

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