बिहार न्यूज़ डेस्क सीमावर्ती इलाके में एक तरफ जहां किसान खाद की किल्लत से जूझ रहे हैं वहीं दूसरी ओर बॉर्डर पर इनदिनों खाद की तस्करी धरल्ले से हो रही है.कालाबाजारी के खाद नेपाल तस्करी कर तस्कर गिरोह मालामाल हो रहे हैं.दरअसल जिले में खाद की आपूर्ति के बावजूद किसानों को हो रही खाद की किल्लत को लेकर इसकी एक विशेष पड़ताल की गई और पड़ताल के दौरान कई तरह की चौंकाने वाली बात सामने आई है।
हरिने बॉर्डर पर किराना दुकान में आलू प्याज के संग खुलेआम खाद बिक रही है.उमगांव व बासोपट्टी समेत कई सीमावर्ती बाजार के अवैध रूप से खाद नेपाल कालाबाजारी करने को लेकर बॉर्डर पर किराना दुकानों एवं गोदामों में जमा किये जाते हैं.जहां से ऊंची कीमत पर खाद नेपाल भेजे जाते हैं.इस काम में कई बाइक सवार मोटरसाइकिल पर एकबार में चार-चार बोरी खाद लादकर हरिने चेकपोस्ट के निकट किराना दुकान में पहुंचाए जाते हैं और गोदाम में भी जमा किये जाते हैं.एसएसबी अधिकारियों का कहना है कि चेकपोस्ट से खाद की तस्करी रोकने के लिए हमारे जवान अलग अलग शिफ्ट में 24 घंटे गस्ती करते हैं और किराना और आलू-प्याज की दुकानों में अवैध रूप से बिकने वाली खाद को लेकर जिला प्रशासन के द्वारा ही कार्रवाई की जा सकती है।
इन बॉर्डर इलाके से हो रही तस्करी
हरिने, इटहरवा, फुलहर, पिपरौन, दिघीया व उमगांव बॉर्डर समेत विभिन्न बॉर्डर इलाकों से खाद की तस्करी होती है.तस्कर बाइक पर खाद लादकर नदी के रास्ते नेपाल ले जाते हैं और वहां इसे ब्लैक में बेचते हैं.खाद के तस्कर गिरोह इतने सक्रिय हैं कि इसकी कालाबाजारी के लिए करीब 100 से अधिक तस्कर व 50 से अधिक मोटरसाइकिल सिर्फ इसी काम में लगाए गए हैं।
इतना ही नहीं बॉर्डर पर इटहरवा व रानीपट्टी गांव में अवैध रूप से खाद गोदाम बनाए गए हैं.जहां भारी मात्रा में खाद जमा किये जाते हैं.उसके बाद तस्कर गिरोह सभी खादों को बाइक से नदी के रास्ते बारी बारी से बॉर्डर पार कर नेपाल भेज देते हैं और खाद को नेपाल में ऊंचे दामों पर बेचे जाते हैं।
तस्करी रोकने के लिए हमारे जवान चेकपोस्ट पर गश्ती कर रहे हैं.बॉर्डर पर अवैध दुकानों में खाद बेचे जाने के मामले में जिला प्रशासन के द्वारा ही कार्रवाई की जा सकती है।
-संतोष कुमार निमोरिया, डिप्टी कमांडेंट, एसएसबी 48 वीं वाहिनी, जयनगर
मधुबनी न्यूज़ डेस्क