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Madhubani चार का निबंधन और प्रखंड में चल रहे चौबीस निजी नर्सिंग होम, प्रखंड में सिर्फ 4 निजी क्लीनिक व 1 अल्ट्रासाउंड सेंटर है रजिस्टर्ड 
 

Madhubani चार का निबंधन और प्रखंड में चल रहे चौबीस निजी नर्सिंग होम, प्रखंड में सिर्फ 4 निजी क्लीनिक व 1 अल्ट्रासाउंड सेंटर है रजिस्टर्ड 


बिहार न्यूज़ डेस्क  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उमगांव के दायरे में स्वास्थ्य अधिकारियों के कार्यालय के सामने अवैध रूप से आधा दर्जन निजी नर्सिंग होम बेरोकटोक चल रहे हैं. जबकि प्रखंड में सिर्फ 4 निजी नर्सिंग होम व एक अल्ट्रासाउंड सेंटर निबंधित है. लेकिन दो दर्जन से भी अधिक अवैध निजी नर्सिंग होम प्रखंड क्षेत्र में संचालित हैं और स्वास्थ्य विभाग लापरवाह बनी है.

अवैध अस्पतालों में बगैर मानक उपकरणों चिकित्सकों द्वारा धड़ल्ले से सभी तरह के ऑपेरशन किए जाते हैं. इससे आए दिन इन अस्पतालों में ऑपेरशन के दौरान मरीजों की मौत हो जाती है. हालांकि राज्य सरकार से फर्जी नर्सिंग होम संचालकों पर कार्रवाई का आदेश है. कई बार स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्रवाई के लिए नोटिस भी जारी किया गया था. लेकिन नोटिस के बावजूद स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रहा है. स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी से अवैध नर्सिंग होम व अल्ट्रासाउंड सेंटर चल रहे हैं.
प्रभारी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. केडी राय ने बताया कि पूरे प्रखंड में सिर्फ 4 निजी क्लीनिक व 1 अल्ट्रासाउंड सेंटर रजिस्टर्ड हैं. जिनमें उमगांव बाजार चौक पर 1 क्लीनिक व 1 हॉस्पिटल व 1 अल्ट्रासाउंड सेंटर, उमगांव में 1 क्लीनिक व जिरौल में 1 हॉस्पिटल रजिस्टर्ड है. बांकी ऑफिस टोल कसेरा सहित उमगांव बाजार चौक, पिपरौन, गंगौर, नहरनियां, हरिने, हिसार आदि गांवों में दर्जनों फर्जी क्लीनिक चल रहे हैं.

वहीं उमगांव के बासोपट्टी रोड में भी एक अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर बिना बोर्ड लगाए चोरी छिपे चल रहा है.
डॉक्टर की लापरवाही के कारण हो चुकी है कई प्रसव पीड़ित महिलाओं व बच्चों की मौतें बीते दिनों में यहां अवैध निजी क्लीनिक में डॉक्टर की लापरवाही के कारण कई लोगों की मौतें भी हो चुकी है. जिनमें हिसार के लक्ष्मीपुर टोल की प्रसूता की मौत उमगांव के सीएचसी रोड स्थित एक अवैध नर्सिंग होम में ऑपेरशन के दौरान हो गई. हाट परसा की प्रसूता की मौत और हरलाखी के बीरता टोल की महिला की मौत भी सीएचसी के बगल स्थित एक फर्जी क्लीनिक में ऑपरेशन के दौरान हो गई. मधुबनी टोल की महिला की मौत भी सीएचसी के बगल स्थित एक निजी क्लीनिक में ऑपरेशन के दौरान हो गई. इसी तरह उमगांव एवं मांगपट्टी की महिला की मौत भी ऑपेरशन के दौरान निजी क्लीनिक में हो गई. वहीं हुर्राही व बीरपुर के बच्चे समेत दर्जनों बच्चों की मौत भी निजी क्लीनिक में डिलीवरी के दौरान हो गई. स्थानीय तौर पर मुआवजे के बाद ऐसे मामलों को फर्जी क्लीनिक संचालकों द्वारा निपटा लिया जाता है.

मधुबनी  न्यूज़ डेस्क
 

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