उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क राजधानी में नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का कारोबार चल रहा है.धंधेबाज जहरीली फिनायल -सिरका से ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन तैयार कर रहे हैं.जो जानवरों के साथ इंसानों के लिए घातक है।
मदेयगंज टीजी हॉस्टल के पास एक मकान में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से मिलावटी ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन पकड़ा गया था.एसटीएफ व खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने छापेमारी की.करीब 13 घंटे चली कार्रवाई में 70 लाख रुपए का ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन व केमिकल पकड़ा.जुबैर नाम के युवक को दबोचा गया.आरोपी को हिरासत में लेकर उसके साथ जुड़े लोगों के बारे में जानकारी ली गई।
पूछताछ में जुबेर ने बताया कि ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन को बनाने में इस्तेमाल होने वाला कैमिकल काफी महंगा होता है.लिहाजा फिनायल-सिरका का इस्तेमाल किया जाता है.यह सस्ता होने के साथ असरकारक भी होता है.आरोपित ने बताया कि गिरोह में कई लोग शामिल है.दिल्ली से लिक्विड ऑक्सीटोसिन की खरीद की जाती है.जिसे मदेयगंज स्थित मकान में स्टोर किया जाता है.बाजार में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की काफी मांग है.वहीं, बिक्री पर प्रतिबंध है.ऐसे में दोहरा मुनाफा कमाने के लिए गिरोह के सदस्य लिक्विड ऑक्सीटोसिन में फिनायल और सिरके की मिलावट करते है.जिससे नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन तैयार किया जाता है.एफएसडीए में सहायक आयुक्त ब्रजेश कुमार ने बताया कि फिनायल-सिरका से तैयार नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन जानवर व इंसान दोनों की सेहत के लिए घातक है.नकली इंजेक्शन के बाद निकाला गया दूध भी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।
रास्ते से हटने को कहा तो सिर फोड़ा
आशियाना सेक्टर-आई में देर रात गली में हुड़दंग कर रहे अराजकतत्वों से कार चालक वीरेंद्र ने किनारे हटने को कहा तो ईंट से उसका सिर फोड़ दिया.कार मालिक ट्रांसपोर्टर अमनप्रीत सिंह बचाव में दौड़े तो उन्हें भी पीटा.वीरेंद्र की हालत नाजुक देख उन्हें लोकबंधु से ट्रामा टू रेफर कर दिया गया.चार दिन से उसे अभी होश नहीं आया है।
आशियाना थाना प्रभारी छत्रपाल सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था.अब आरोपितों के खिलाफ धाराएं बढ़ाई जाएंगी.अमनप्रीत सिंह के मुताबिक वीरेंद्र मूल रूप से रायबरेली जनपद के हरचंदपुर क्षेत्र के टेगना का रहने वाला है.वह कई साल से कार चला रहा है. रात परिवार के साथ कार से लौट रहे थे.तभी आरोपियों ने मारपीट की।
लखनऊ न्यूज़ डेस्क

