उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क सीएमओ कार्यालय की टीम ने दो माह पहले बिना पंजीकरण वाले जिस बालागंज के स्टार अस्पताल के संचालन पर रोक लगाई थी.उस अस्पताल में मरीजों को भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है.स्वास्थ्य विभाग के कागजों में इस अस्पताल का संचालन अभी भी बंद है.सीएमओ की टीम ने तमाम खामियों पर बेसमेंट में चलने वाले इस अस्पताल के संचालन और मरीजों को भर्ती करने पर रोक लगा रखी है.तीमारदारों ने बताया कि अच्छे इलाज का झांसा देकर एंबुलेंस दलाल ने उनके मरीजों को वहां भर्ती कराया है.स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि अस्पताल के संचालन शुरू होने की जानकारी नहीं है.जांच के लिए टीम भेजी जाएगी।
ठाकुरगंज के बालागंज स्थित स्टार अस्पताल पर 15 नवंबर को नर्सिंग होम के नोडल अधिकारी डॉ. एपी सिंह और डिप्टी सीएमओ डॉ. केडी मिश्रा की टीम ने छापा मारा था.उस समय टीम को बेसमेंट में चल रहे इस स्टार अस्पताल में पूर्णकालिक डॉक्टर नहीं मिले थे.बॉयोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण ठीक नहीं था.नर्सिंग होम के नोडल अफसर डॉ. एपी सिंह ने बताया स्टार अस्पताल संचालन होने के बारे में जानकारी नहीं है।
जेवरों का बैंक सूची से होगा फिर मिलान
अयोध्या रोड पर मटियारी तिराहे के पास इंडियान ओवरसीज बैंक (आईओबी) से करोड़ों के जेवर चोरी के मामले में पुलिस अब बैंक की सूची दोबारा बरामदगी का मिलान कराएगी.इसके बाद यह पता लगाया जाएगा कि कितने जेवर अभी कम है.वहीं, लाइन हाजिर 13 पुलिस कर्मियों को दो दिन के अंदर बयान दर्ज कराने का अल्टीमेटम दिया गया।
लाइन हाजिर पुलिस कर्मियों को और को अपने बयान जांच अधिकारी एवं अपर पुलिस उपायुक्त पूर्वी पंकज सिंह के समक्ष दर्ज कराने होंगे.गाजीपुर गए पुलिस कर्मियों पर भी नजर है.इंस्पेक्टर गोमतीनगर ने बैंक अधिकारियों से लाकर उपभोक्ताओं द्वारा दी गई सूची मांगी गई है.बैंक ने इसके पहले जो सूची दी थी उन जेवरों की कीमत करीब 12 करोड़ रुपये की बताई गई थी।
लखनऊ न्यूज़ डेस्क

