Samachar Nama
×

Lucknow  सावधान! दरक रहा पक्का पुल, हर वक्त हादसे का डर,108 साल पुराने पुल को पीडब्ल्यूडी एक्सईएन ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया खतरनाक, फौरन मरम्मत कराने की सिफारिश
 

Lucknow  सावधान! दरक रहा पक्का पुल, हर वक्त हादसे का डर,108 साल पुराने पुल को पीडब्ल्यूडी एक्सईएन ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया खतरनाक, फौरन मरम्मत कराने की सिफारिश

उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क   लखनऊ का 108 साल पुराना ऐतिहासिक पक्का पुल आवाजाही के लिए खतरनाक हो गया है. दरकते पुल की दीवार-रेलिंग गिरने के साथ अधिकांश जगह फुटपाथ तक उखड़ गए हैं. पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के एक्सईएन ने अपनी जांच रिपोर्ट में इसे खतरनाक मानते हुए जर्जर पुल की तस्वीर समेत अपनी रिपोर्ट में इसके तत्काल मरम्मत की जरूरत बताई है. हालांकि यहां यातायात रोकने का फिलहाल कोई विचार नहीं है, लेकिन पुल की हालत जर्जर होने से यहां हर वक्त हादसे की आशंका जताई गई है.
दिल्ली-बरेली-सीतापुर मार्ग स्थित पक्का पुल वर्ष 1914 में बना था. वर्तमान में खदरा से टीले वाली मस्जिद की तरफ बढ़ने पर कई जगह रेलिंग टूट गई है. मिट्टी धंसने के साथ दीवार-सड़क पर बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं. फुटपाथ की टाइल्स टूटने के साथ पानी लाइन लीक कर रही है, जिससे सुबह से शाम तक पानी भरा रहता है. बालकनी की दीवारों में भी दरारें हैं और खदरा की तरफ बढ़ने पर टूटी रेलिंग से हर वक्त पैदल राहगीरों के नीचे गिरने का खतरा है. अधिशासी अभियंता मनीष वर्मा ने चार नवंबर को पुल जर्जर घोषित करते हुए तत्काल मरम्मत के लिए अधीक्षण अभियंता को रिपोर्ट भेजी है.

15 वर्षों से मरम्मत नहीं
● पुल से रोजाना करीब एक लाख वाहन गुजरते हैं.
● सीतापुर मुख्य मार्ग होने से 30भारी वाहन हैं.
● पुल की लंबाई 320 मीटर-10 मीटर चौड़ा है
● पुल मरम्मत करीब 15 वर्षों से नहीं कराई गई है.
पुल की रेलिंग टूटने से गिरने का खतरा है.
फुटपाथ की सड़क भी टूट गई है.
गंगागंज पुल जर्जर हो गया है. मरम्मत के लिए 1.74 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है. बजट मिलते ही मरम्मत शुरू करा दी जाएगी.
-मानस श्रीवास्तव, उप परियोजना प्रबंधक सेतु निगम
32 साल पुराना गंगागंज पुल जर्जर घोषित
गोसाईंगंज में गंगागंज पुल भी जर्जर घोषित कर दिया गया है. यहां वाहनों की आवाजाही जारी है, लेकिन नीचे का हिस्सा बेहद कमजोर हो चुका है. गोमती पर बना यह पुल गंगागंज को बाराबंकी से जोड़ता है. 32 साल पहले बने पुल को लोक निर्माण विभाग ने जर्जर घोषित किया है. सेतु निगम ने इसके मरम्मत के लिए 1.74 करोड़ का प्रस्ताव शासन भेजा है.
ट्रैफिक लोड बढ़ा तो 2016 में नजदीक नया पुल बना
सीतापुर मार्ग होने के नाते यहां रोजाना दो लाख वाहन गुजरते हैं. लोड बढ़ने पर सेतु निगम ने वर्ष 2016 में पास नया पुल बनाया. पीडब्ल्यूडी अफसरों के मुताबिक हार्डिंग ब्रिज पर रोजाना दो लाख यात्रियों और एक लाख वाहनों की आवाजाही का माध्यम बनता है. लोगों के मुताबिक पीडब्ल्यूडी से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल तक शिकायत कर चुके हैं. विभागीय अधिकारियों ने भी पुल की तत्काल मरम्मत के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भी लिखा, लेकिन मरम्मत नहीं हुई.
पक्का पुल करीब 108 वर्ष पुराना है. पुल के संबंध में एक्सईएन की रिपोर्ट मिली है. ट्रैफिक लोड देखते हुए तत्काल मरम्मत की जरूरत बताई गई है. जल्दी ही पुल की मेंटीनेंस शुरू कराएंगे.
-योगेश पवार, मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी
अंग्रेजों ने 1911 में शाही पुल तोड़कर नया बनाया
लखनऊ का लाल पुल इसे ‘पक्का पुल’ भी कहा जाता है. यह 10 जनवरी 1914 को बना था. अंग्रेजों ने अवध के नवाब आस़फउद्दौला के बनाए पुराने शाही पुल को 1911 में कमजोर बताकर तोड़ दिया था. इसके बाद नया पुल बनाया गया.


लखनऊ न्यूज़ डेस्क
 

Share this story