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Lucknow  ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के लिए बनाया जाएगा क्लस्टर, निवेशकों को पानी उपभोग दर पर 50 प्रतिशत छूट मिलेगी
 

Lucknow  ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के लिए बनाया जाएगा क्लस्टर, निवेशकों को पानी उपभोग दर पर 50 प्रतिशत छूट मिलेगी


उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क   यूपी खुद को स्वच्छ ऊर्जा हरित ऊर्जा मुहिम के तहत ग्रीन हाईड्रोजन के लिए खुद को तैयार करेगा. इसके लिए राज्य में इसका उत्पादन बढ़ाने के लिए ग्रीन वैली (औद्योगिक कलस्टर या हब) को विकसित किया जाएगा. राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन व अमोनिया उत्पादन करने वाले निवेशकों को कई तरह के प्रोत्साहन दिए जाएंगे.

ग्रीन हाईड्रोजन के उत्पादन में औद्योगिक जल इस्तेमाल पर 50 प्रतिशत उपभोग दरों में छूट दी जाएगी. इसके अलावा स्टांप शुल्क, भूमि कर व भू उपयोग परिवर्तन दर में 100 प्रतिशत की छूट की सुविधा इस क्षेत्र में यूनिट लगाने वाले निवेशकों को मिलेगी. इन इकाइयों को जमीन आवंटित में वरीयता दी जाएगी. यूपी सरकार नई उत्तर प्रदेश ग्रीन हाईड्रोजन नीति-2022 का मसौदा तैयार किया है. जल्द इसे कैबिनेट से पास कराया जाएगा. इन निर्माण यूनिटों के लिए पानी व बिजली की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी. इस उद्योग में उन्नत तकनीक ज्ञान रखने वाले कार्मिकों की जरूरत को देखते हुए युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण पाठयक्रम चलाया जाएगा. शोध व अनुंसधान केंद्र के लिए 30 प्रतिशत की ( पांच करोड़ रुपये तक) सहायता दी जाएगी. हर साल इनोवेशन अवार्ड दिए जाएंगे. इसके अलावा ग्रीन हाईड्रोजन व अमोनिया के परिवहन व स्टोरेज क्षमता को भी विकसित किया जाएगा.
ग्रीन हाईड्रोजन की लागत कम की जाएगी
राज्य में इस समय राज्य में हाईड्रोजन की मांग लगभग 0.9 मिलियन प्रति टन सालाना है. इसकी खपत तेल शोधक कारखानों व नाइट्रोजन आधारित उर्वरक निर्माण में होती है. एक ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम फंड बनाया जाएगा. ग्रीन सेस के जरिए धन जुटाया जाएगा. ग्रीन हाइड्रोजन की लागत 2.8 डालर प्रति किलोग्राम से 7.8 डालर प्रति किलोग्राम आती है. इसे कम करने की दीर्घगामी रणनीति पर काम किया जाएगा. इस पर अमल के लिए एक राज्य स्तरीय कमेटी बनेगी.
निवेशकों को लुभाने के लिए कई अन्य राहत
प्रदेश सरकार 50 मेगावाट के इलेक्ट्रोलाइजर के विकास पर अगले साल 60 प्रतिशत की, 2024 में 55 प्रतिशत की, साल 2025 में 45 प्रतिशत की और 2026 में 35 प्रतिशत की सब्सिडी देगी. ग्रीन हाईड्रोजन के निर्माण में इलेक्ट्रोलाइजर सबसे अहम घटक हैं. इसके अलावा 100 प्रतिशत एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति की जाएगी. निवेशक को अपने कर्मचारियों के पीएफ में जमा होने वाली धनराशि का 50 प्रतिशत का सरकार अपनी ओर से योगदान करेगी.


लखनऊ न्यूज़ डेस्क
 

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