Samachar Nama
×

Lucknow  अस्थमा और सांस के 20प्रतिशत मरीज बढ़े, जकड़न की बढ़ी समस्या 
 

Lucknow  अस्थमा और सांस के 20प्रतिशत मरीज बढ़े, जकड़न की बढ़ी समस्या 


उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क   तीन दिन से मौसम के मिजाज में आये बदलाव से बच्चे, बड़े और बुजुर्गों की सेहत बिगड़ने लगी है. बुखार से सांस और अस्थमा के मरीजों की तकलीफें और बढ़ गई हैं. सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में अस्थमा, खांसी और सांस की तकलीफ के करीब 20 फीसदी मरीज बढ़ गए हैं. वायु प्रदूषण का असर भी दिखने लगा है. बढ़ते प्रदूषण के कारण सांस, गले में खराश और हृदय की बीमारियों से संबंधित मरीजों की परेशानी बढ़ रही है.
सिविल अस्पताल के फिजीशियन डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि 20 फीसदी मरीज बढ़ गए है. इनहेलर और दवाओं की खुराक की मात्रा बढ़ानी पड़ रही है. लोक बंधु अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने तीन दिन से ओपीडी में सांस और अस्थमा के करीब 20 से 30 मरीज बढ़ गए हैं.

सर्दी से फेफड़ों की कार्य क्षमता घटी बलरामपुर अस्पताल के चेस्ट फिजीशियन डॉ. एके गुप्ता ने बताया कि तापमान में गिरावट से गले में जकड़न से फेफड़ों पर दबाव बढ़ गया है. फेफड़ों की कार्यक्षमता कमजोर होने लगी है. ओपीडी में आने वाले अस्थमा व सांस के 70 फीसदी रोगी दवा पूरी खाएं और नियमित इलाज कराएं.
सीओपीडी की बढ़ रही समस्या
वायु प्रदूषण से क्रानिक आब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीज (सीओपीडी) के मरीजों की संख्या अस्पतालों में बढ़ रही है. खांसी में बलगम आने के साथ सांस फूलने की समस्या आ रही है. जहरीले तत्व हमारे फेफड़ों और श्वास प्रणाली को नुकसान पहुंचा रहे हैैं. सीओपीडी में फेफड़े में एक काली तार बन जाती है. इसमें इतनी खांसी आती है कि फेफड़ा बढ़ जाता है और रोगी चलने लायक नहीं रहता.


लखनऊ न्यूज़ डेस्क
 

Share this story