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कोटा के सरकारी स्कूल में छोटी छात्राओं से झाड़ू लगवाने का वीडियो वायरल, शिक्षिका बोलीं- सोमवार को होता है सामूहिक श्रमदान

कोटा के सरकारी स्कूल में छोटी छात्राओं से झाड़ू लगवाने का वीडियो वायरल, शिक्षिका बोलीं- सोमवार को होता है सामूहिक श्रमदान

राजस्थान के कोटा शहर के गोविंद नगर स्थित राजकीय प्राथमिक संस्कृत विद्यालय में छोटी छात्राओं से झाड़ू लगवाने का वीडियो सामने आया है। स्थानीय लोगों की ओर से बनाए गए इस वीडियो में दो बालिकाएं स्कूल के बरामदे में झाड़ू लगाती नजर आ रही हैं। वीडियो बनता देख छात्राओं ने सफाई करना बंद कर दिया और अंदर जाकर शिक्षिका को इसकी जानकारी दी। वीडियो सामने आने के बाद स्कूल में बच्चों से सफाई करवाने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

बरामदे में झाड़ू लगाती दिखीं दो छात्राएं

जानकारी के अनुसार, स्कूल परिसर में दो छात्राएं बरामदे में झाड़ू लगाती दिखाई दे रही हैं। इसी दौरान किसी स्थानीय व्यक्ति ने उनका वीडियो बना लिया। वीडियो बनते देखकर छात्राओं ने झाड़ू लगाना रोक दिया और स्कूल के अंदर चली गईं।वीडियो सामने आने के बाद जब स्कूल पहुंचकर पड़ताल की गई, तो वहां दो छात्र पोषाहार खाने के बाद बाहर रखी थालियां एकत्र करते हुए नजर आए। उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वे पानी पीने आए हैं।इस घटना के बाद स्कूल में बच्चों से सफाई करवाने और परिसर की साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

शिक्षिका ने बताया- सोमवार को होता है श्रमदान

स्कूल की शिक्षिका सुमन ने बताया कि विद्यालय में प्रत्येक सोमवार को सामूहिक श्रमदान किया जाता है। उनके अनुसार, इस दौरान स्कूल के बच्चे और शिक्षक मिलकर परिसर की सफाई करते हैं।सुमन ने कहा कि सोमवार को श्रमदान के तहत बच्चे सफाई कर रहे थे, जबकि शिक्षक अंदर सफाई के काम में लगे हुए थे। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले वार्ड पार्षद और विधायक भी स्कूल में श्रमदान कर चुके हैं।शिक्षिका के मुताबिक, विद्यालय में सफाईकर्मी नियुक्त नहीं है। ऐसे में स्कूल परिसर को साफ रखने के लिए सभी मिलकर सफाई करते हैं। उन्होंने कहा कि वीडियो किसने बनाया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।

स्कूल में सफाईकर्मी नहीं होने की बात

शिक्षिका ने स्कूल में सफाईकर्मी नहीं होने को सामूहिक सफाई की वजह बताया। हालांकि, वीडियो में छोटी छात्राओं को झाड़ू लगाते देख बच्चों से इस तरह काम करवाने की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।स्कूलों में स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है, लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा प्रभावित न हो। सामूहिक श्रमदान के दौरान बच्चों की उम्र, उनकी जिम्मेदारियों और गतिविधियों का ध्यान रखा जाना चाहिए।फिलहाल सामने आए वीडियो और शिक्षिका के बयान के बाद मामले कोलेकर चर्चा है। स्कूल प्रशासन या शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक जांच अथवा कार्रवाई की जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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