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कोटा के चिड़ियाघर से लेपर्ड के भागने की वजह आई सामने, वीडियो में देंखे पुराना और जंग लगा था पिंजरा

कोटा के चिड़ियाघर से लेपर्ड के भागने की वजह आई सामने, वीडियो में देंखे पुराना और जंग लगा था पिंजरा

कोटा के नयापुरा चिड़ियाघर से मादा लेपर्ड के भागने के मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है। शुरुआती जांच में लेपर्ड के पिंजरे के पुराने और कमजोर होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि पिंजरे की जाली में पहले से जंग लगी हुई थी। लेपर्ड ने जैसे ही जाली पर जोर लगाया, उसमें गैप बन गया और वह बाहर निकल गई। इसके बाद लेपर्ड चिड़ियाघर परिसर से निकलकर सीवी गार्डन तक पहुंच गई थी।

जाली पर जोर लगाते ही बन गया गैप

घटना 8 सितंबर की सुबह की बताई जा रही है। मादा लेपर्ड को जिस पिंजरे में रखा गया था, वह काफी पुराना और कमजोर बताया गया है। जाली में पहले से जंग लगी होने के कारण उसकी मजबूती प्रभावित होने की बात सामने आई है।जांच के अनुसार, लेपर्ड ने जाली पर जोर लगाया तो उसमें गैप बन गया। इसी रास्ते से वह पिंजरे से बाहर निकल गई। चिड़ियाघर से बाहर निकलने के बाद लेपर्ड सीवी गार्डन में पहुंच गई, जिससे आसपास के इलाके में भी हड़कंप मच गया था।

6 सितंबर को सवाईमाधोपुर से लाई गई थी लेपर्ड

करीब दो साल की इस मादा लेपर्ड को 6 सितंबर को सवाईमाधोपुर से कोटा के नयापुरा चिड़ियाघर लाया गया था। सवाईमाधोपुर वन विभाग की टीम ने उसी दिन लेपर्ड का रेस्क्यू कर उसे चिड़ियाघर में छोड़ा था।इसके अगले दिन यानी 7 सितंबर को वन विभाग की टीम ने लेपर्ड की निगरानी की थी। उसकी स्थिति पर नजर रखने के साथ उसे मीट भी दिया गया था। हालांकि, उसी रात जाली में गैप बनाकर लेपर्ड बाहर निकल गई।

अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में किया शिफ्ट

चिड़ियाघर से निकलने के बाद लेपर्ड को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। फिलहाल उसे कोटा के अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में शिफ्ट कर दिया गया है। वहां उसकी निगरानी की जा रही है।लेपर्ड के भागने की घटना के बाद अब पिंजरे की स्थिति और उसकी देखरेख को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खास तौर पर यह जांच का विषय है कि पुराने और जंग लगे पिंजरे में लेपर्ड को रखने से पहले उसकी सुरक्षा और मजबूती की पर्याप्त जांच क्यों नहीं की गई।

वन विभाग ने बनाई जांच कमेटी

घटना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की है। कमेटी पिंजरे की स्थिति, लेपर्ड की निगरानी और घटना के दौरान हुई व्यवस्थाओं की जांच करेगी।वहीं, लेपर्ड की देखरेख की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रोबेशनरी केयरटेकर वसीम को एपीओ कर दिया गया है। अब जांच कमेटी की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि लेपर्ड के भागने के लिए किस स्तर पर लापरवाही हुई और पुराने पिंजरे की स्थिति की समय रहते जांच क्यों नहीं की गई।

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