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जल स्रोतों की निगरानी के लिए लगाए सोलर सीसीटीवी, फुटेज में जानें कैसे होगी मुकंदरा टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण की समीक्षा

जल स्रोतों की निगरानी के लिए लगाए सोलर सीसीटीवी, फुटेज में जानें कैसे होगी मुकंदरा टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण की समीक्षा

राजस्थान में वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक अरुण प्रसाद ने 10 से 12 मई तक मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व और भैंसरोड़गढ़ अभयारण्य क्षेत्र का दौरा किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण, जल प्रबंधन, ईको-टूरिज्म और शिकार आधारित संवर्धन कार्यों की समीक्षा करना था।

निरीक्षण के दौरान कोटा वन्यजीव सर्किल और संबंधित वन अधिकारियों की टीम भी उपस्थित रही। सीसीएफ सुगनाराम जाट ने बताया कि पहले दिन अधिकारी दौलतगंज में विकसित हो रहे नए सफारी मार्ग, बोरावास रेंज मुख्यालय और सेलजर क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों की स्थिति का अवलोकन किया गया।

अरुण प्रसाद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जंगलों और अभयारण्यों में जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि सूखे के दौरान वन्यजीवों की जीवन रक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही उन्होंने ईको-टूरिज्म के जरिए स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने और सतत पर्यटन को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की।

निरीक्षण के दौरान शिकार आधारित संवर्धन कार्यक्रमों की प्रगति का भी आकलन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व और भैंसरोड़गढ़ अभयारण्य में वन्यजीवों की सुरक्षा, उनकी आबादी और आवास क्षेत्र की निगरानी के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

इस निरीक्षण का मकसद वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण में सुधार लाना, स्थानीय समुदायों को शामिल करना और क्षेत्र में सुरक्षित पर्यटन को बढ़ावा देना बताया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी मदद करेगी।

फिलहाल निरीक्षण जारी है और आगामी दिनों में अरुण प्रसाद द्वारा विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों और राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, ताकि भविष्य में वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरणीय प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

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