जेके लोन अस्पताल में प्रसव के बाद महिलाओं की मौत और किडनी संबंधी गंभीर जटिलताओं के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। मई 2026 में कोटा के सरकारी अस्पतालों में प्रसव के बाद 12 महिलाओं में किडनी फेल होने की समस्या सामने आई थी, जिनमें पांच महिलाओं की मौत हो गई थी। बाद में इस मामले की जांच के लिए कई विशेषज्ञ समितियां गठित की गईं।
अक्टूबर में भी कोटा के अस्पतालों में प्रसव के बाद महिलाओं की मौत और किडनी संबंधी जटिलताओं के मामले सामने आए हैं। 25 अक्टूबर को जेके लोन अस्पताल में शबनम बानो की मौत की खबर सामने आई थी। उनके परिजनों ने इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए, जबकि अस्पताल प्रशासन ने बताया कि महिला को गंभीर हालत में लाया गया था।
ऐसे में अस्पताल प्रशासन को मिले एप्रिसिएशन अवॉर्ड सर्टिफिकेट को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, किसी पुरस्कार का मिलना और किसी विशेष मरीज के इलाज की गुणवत्ता दो अलग-अलग पहलू हैं। यह जानना जरूरी है कि अस्पताल को प्रमाणपत्र किस उपलब्धि, सेवा या मानक के आधार पर दिया गया है।फिलहाल, आपके भेजे गए विवरण में एप्रिसिएशन अवॉर्ड देने वाली संस्था, प्रमाणपत्र की श्रेणी और अस्पताल अधीक्षक के बयान का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं है। इन तथ्यों की पुष्टि के बिना पुरस्कार के आधार या अस्पताल की कार्यप्रणाली पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

