कोटा में सरकारी स्कूल की छत का प्लास्टर गिरा, वीडियो में जाने छुट्टी के दिन हादसा होने से टला बड़ा खतरा
राजस्थान के कोटा जिले के सोहनपुरा गांव में रविवार को सरकारी स्कूल की छत का प्लास्टर अचानक गिर गया। जिस जगह प्लास्टर गिरा, वहां आमतौर पर बच्चों की कक्षा लगती है। गनीमत रही कि घटना रविवार को हुई, इसलिए स्कूल में छुट्टी थी और बच्चे मौजूद नहीं थे। यदि यह हादसा स्कूल खुलने के दौरान होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में बारिश हो रही है। इसके चलते स्कूल की छत और दीवारों में सीलन आ रही थी। माना जा रहा है कि लगातार नमी के कारण छत का प्लास्टर कमजोर हुआ और अचानक नीचे आ गिरा। घटना के बाद स्कूल भवन की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
यह सरकारी स्कूल राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्र रामगंज मंडी में आता है। ऐसे में स्कूल भवन की स्थिति सामने आने के बाद प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने स्कूल भवन की पूरी तरह जांच कराने और जर्जर हिस्सों की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।स्कूल में छत का प्लास्टर गिरने की घटना ने बारिश के दौरान सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी चिंता बढ़ा दी है। खासकर उन स्कूल भवनों को लेकर चिंता है, जिनकी छतों और दीवारों में लगातार बारिश के कारण सीलन और कमजोरी आ रही है।
राजस्थान में फिर बारिश का दौर
इधर, राजस्थान में 18 अगस्त से बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने 18 अगस्त को प्रदेश के 8 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल तट के आसपास एक और कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके अगले 24 घंटे में और मजबूत होने तथा उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है।
इस मौसम प्रणाली का असर राजस्थान के पूर्वी हिस्सों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। लगातार बारिश के बीच सरकारी स्कूलों की इमारतों की सुरक्षा जांच जरूरी हो गई है।सोहनपुरा स्कूल में रविवार को हुआ हादसा इसी खतरे की ओर इशारा करता है। हालांकि छुट्टी का दिन होने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन स्कूल खुलने के दौरान इसी तरह का प्लास्टर गिरना बच्चों और शिक्षकों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि स्कूल भवन का निरीक्षण कर कमजोर हिस्सों की समय रहते मरम्मत कराई जाए।

