राजस्थान में अफीम तौल की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस प्रक्रिया के तहत किसानों को निर्धारित तौल केंद्रों पर तय समय पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
अधिकारियों के अनुसार, किसानों को सबसे पहले तौल केंद्र पर अपनी हाजिरी दर्ज करानी होगी। इसके बाद उनकी लाई गई अफीम के नमूने लिए जाएंगे, जिनकी गुणवत्ता की जांच की जाएगी। जांच के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
तौल के दौरान अफीम को सुरक्षित रखने के लिए इसे विशेष प्लास्टिक कंटेनरों में रखा जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की मिलावट या नुकसान से बचा जा सके। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए निगरानी भी सुनिश्चित की गई है।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे सभी आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर आएं और निर्धारित नियमों का पालन करें, जिससे तौल प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
गौरतलब है कि अफीम तौल का यह चरण किसानों और सरकार दोनों के लिए महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसी के आधार पर उत्पादन और गुणवत्ता का आकलन किया जाता है।

