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कोटा: धीरेंद्र शास्त्री की कथा के दौरान यातायात व्यवस्था में बदलाव, भारी वाहनों के लिए डायवर्जन लागू

कोटा: धीरेंद्र शास्त्री की कथा के दौरान यातायात व्यवस्था में बदलाव, भारी वाहनों के लिए डायवर्जन लागू

शहर और आसपास के क्षेत्रों में आगामी दिनों में होने वाली धार्मिक गतिविधियों को देखते हुए यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। रामगंजमंडी क्षेत्र के मोडक थाना इलाके में 23 से 25 जनवरी तक प्रसिद्ध संत धीरेंद्र शास्त्री की कथा आयोजित होने वाली है। इस कार्यक्रम के चलते कोटा ग्रामीण पुलिस ने आयोजन के दौरान यातायात सुचारू रखने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं।

पुलिस ने बताया कि इन तीन दिनों के दौरान भारी वाहनों के लिए डायवर्जन लागू किया गया है, जबकि यात्री बसों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। इसका उद्देश्य आयोजन स्थल के आसपास भीड़भाड़ और ट्रैफिक जाम को रोकना है। पुलिस ने आयोजकों और स्थानीय नागरिकों से सहयोग का भी आग्रह किया है।

कोटा ग्रामीण पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "धीरेंद्र शास्त्री की कथा में भारी संख्या में लोग शामिल होंगे। ऐसे में यदि ट्रैफिक पर नियंत्रण नहीं रखा गया, तो बड़े पैमाने पर जाम और दुर्घटनाओं की संभावना हो सकती है। इसलिए हमने विशेष डायवर्जन और यातायात नियम लागू किए हैं।"

पुलिस ने आगे कहा कि डायवर्जन के तहत भारी वाहन निर्धारित मार्गों से गुजरेंगे, जबकि व्यक्तिगत वाहन चालक और आम यात्री मार्गों का उपयोग जारी रख सकते हैं। पुलिस टीम मार्गों पर ड्यूटी करेगी और सुरक्षा के साथ-साथ यातायात नियंत्रण सुनिश्चित करेगी।

स्थानीय लोगों ने बताया कि यह कार्यक्रम हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इसलिए प्रशासनिक कदमों के चलते सड़क सुरक्षा और यातायात सुगमता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। कई दुकानदार और व्यापारियों ने भी इस आयोजन को स्थानीय अर्थव्यवस्था और धार्मिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण बताया है।

धीरेंद्र शास्त्री की कथाओं में भक्तों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है। इससे सड़कें और आसपास के क्षेत्र भीड़भाड़ से प्रभावित हो सकते हैं। इस कारण पुलिस ने सुरक्षा, मार्गदर्शन और वाहन पार्किंग के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान पूर्वनियोजित यातायात प्रबंध और डायवर्जन जरूरी हैं। इससे न केवल दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है, बल्कि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुविधा भी सुनिश्चित होती है।

कोटा ग्रामीण पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे पुलिस निर्देशों का पालन करें, कार्यक्रम स्थल के आसपास अनावश्यक वाहन संचालन से बचें और तय मार्गों का उपयोग करें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को डायवर्जन या मार्ग के बारे में जानकारी चाहिए, तो पुलिस की हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।

इस प्रकार, 23 से 25 जनवरी तक मोडक थाना क्षेत्र में धीरेंद्र शास्त्री की कथा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के लिए सुरक्षा और मार्गदर्शन के विशेष कदम उठाए गए हैं। आयोजक और प्रशासन की संयुक्त योजना से श्रद्धालु बिना परेशानी के कार्यक्रम में शामिल हो सकेंगे और स्थानीय सड़क यातायात भी सुचारू रहेगा।

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