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कोटा ग्रामीण पुलिस का शानदार प्रदर्शन, वीडियो में देखें 2025 में अपराधों में 16% की गिरावट, प्रदेश में नंबर वन

कोटा ग्रामीण पुलिस का शानदार प्रदर्शन, वीडियो में देखें 2025 में अपराधों में 16% की गिरावट, प्रदेश में नंबर वन

कोटा ग्रामीण पुलिस ने वर्ष 2025 में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। बेहतर रणनीति, सख्त कार्रवाई और प्रभावी पुलिसिंग के चलते जिले में अपराधों में करीब 16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यही नहीं, केस निपटारा और मुकदमा समाधान के मामले में कोटा ग्रामीण पुलिस पूरे राजस्थान में प्रथम स्थान पर रही है। यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश के लिए मिसाल मानी जा रही है।

ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने वर्ष 2025 की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि कोटा ग्रामीण पुलिस ने पूरे राजस्थान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए नंबर वन पोजिशन हासिल की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण को लेकर सख्त और प्रभावी रणनीति अपनाई गई, जिसका सीधा और सकारात्मक असर जमीन पर देखने को मिला है। पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई के कारण अपराधियों में भय का माहौल बना और आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई।

एसपी सुजीत शंकर के अनुसार, वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में हत्या, चोरी और महिला अपराध जैसे गंभीर मामलों में करीब 16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में महिला सुरक्षा को लेकर चलाए गए अभियानों का अच्छा परिणाम सामने आया है। संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त, त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम और जनसहयोग के चलते अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सका।

कोटा ग्रामीण पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि केस निपटारे की दर रही है। एसपी ने बताया कि वर्ष 2025 में दर्ज मामलों के निस्तारण में कोटा ग्रामीण पुलिस प्रदेश में पहले स्थान पर रही। न केवल नए मामलों का तेजी से निपटारा किया गया, बल्कि पुराने लंबित प्रकरणों को भी प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया गया। इसका परिणाम यह रहा कि जिले की पेंडेंसी घटकर महज 2.87 प्रतिशत रह गई, जो पिछले 10 वर्षों में किसी भी जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस सफलता के पीछे बेहतर मॉनिटरिंग सिस्टम, नियमित समीक्षा बैठकें और फील्ड स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करना प्रमुख कारण रहा। थानास्तर पर लंबित मामलों की लगातार समीक्षा की गई और जांच अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, तकनीकी संसाधनों और डिजिटल टूल्स का भी प्रभावी उपयोग किया गया।

ग्रामीण एसपी ने टीमवर्क को इस सफलता का आधार बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल अधिकारियों की नहीं, बल्कि हर पुलिसकर्मी की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। बीट कांस्टेबल से लेकर थानाधिकारी और वरिष्ठ अधिकारियों तक सभी ने एकजुट होकर काम किया, तभी यह परिणाम संभव हो सका।

कोटा ग्रामीण पुलिस के इस प्रदर्शन की सराहना जिला प्रशासन और आमजन दोनों स्तर पर हो रही है। अपराधों में कमी और मामलों के त्वरित निपटारे से आम लोगों का पुलिस पर भरोसा बढ़ा है। एसपी सुजीत शंकर ने कहा कि आने वाले समय में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ काम किया जाएगा, ताकि कोटा ग्रामीण क्षेत्र को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके। यह उपलब्धि न केवल वर्तमान वर्ष की सफलता है, बल्कि भविष्य के लिए भी एक मजबूत आधार तैयार करती है।

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