गांवों में गायों की देखभाल के लिए ‘ग्वाल’ तैनात करेगी सरकार, फुटेज में जानें 10 हजार रुपए मासिक मानदेय भी मिलेगा
राज्य सरकार अब ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन और गौसंरक्षण को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने घोषणा की है कि गांवों में गायों की देखरेख के लिए ‘ग्वाल’ की व्यवस्था की जाएगी। इन ग्वालों को प्रतिमाह 10 हजार रुपए का मानदेय दिया जाएगा, ताकि गौवंश की बेहतर देखभाल सुनिश्चित हो सके।
मंत्री दिलावर ने यह घोषणा सोमवार को बारां जिले के कोयला गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य गांव, गाय और ग्रामीण व्यवस्था को सशक्त बनाना है। इसके तहत चारागाह भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा और गायों के लिए पर्याप्त गोचर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि कई जगहों पर चारागाह भूमि पर अवैध कब्जों के कारण पशुओं को चरने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती है, जिससे ग्रामीणों और पशुपालकों को परेशानी होती है। सरकार ऐसे अतिक्रमण हटाकर गोचर भूमि को सुरक्षित करेगी, ताकि पशुपालन को बढ़ावा मिल सके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो।
कोयला गांव में आयोजित ‘नानी बाई रो मायरो’ कथा कार्यक्रम में शिरकत करते हुए मंत्री दिलावर ने अपने पुराने दिनों को भी याद किया। इस दौरान वे भावुक नजर आए। कार्यक्रम स्थल पर बकरियां लेकर जा रहे अपने एक पुराने दोस्त से मुलाकात के बाद उन्होंने बताया कि दोनों ने संघर्ष के दिनों में साथ मिलकर गांव-गांव सब्जियां बेची थीं।
मंत्री ने कहा, “यह गांव मेरे लिए सिर्फ एक स्थान नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा है। यहां से मेरा 42 साल पुराना रिश्ता है।” उन्होंने बताया कि कोयला गांव से ही उन्होंने सामाजिक जीवन की शुरुआत की थी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक परमानंद ने उन्हें इसी गांव में शाखा शुरू करने की जिम्मेदारी दी थी, जिसके बाद से उनका इस क्षेत्र से गहरा जुड़ाव बना हुआ है।
दिलावर ने कहा कि सरकार ग्रामीण विकास को लेकर गंभीर है और आने वाले समय में गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पशुपालन, शिक्षा और पंचायत स्तर पर व्यवस्थाओं को मजबूत कर ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार लाया जाएगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। मंत्री की घोषणाओं से क्षेत्र के पशुपालकों और किसानों में उत्साह देखा गया। स्थानीय लोगों का मानना है कि ग्वाल की नियुक्ति और चारागाह भूमि की सुरक्षा से गांवों में पशुधन को बड़ा लाभ मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सरकार की इस पहल को ग्रामीण विकास और गौसंरक्षण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

