कोटा में बाल श्रम का मामला उजागर, वीडियो में जाने 40 हजार रुपये के कर्ज के बदले नाबालिग से कराए जा रहे थे घरेलू काम
राजस्थान के कोटा शहर में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 16 वर्षीय बच्ची से कथित तौर पर घरेलू काम करवाए जाने का खुलासा हुआ है। यह मामला किशोरपुरा थाना क्षेत्र के वल्लभनगर इलाके का बताया जा रहा है।जानकारी के अनुसार, एक स्थानीय बिजनेसमैन पर आरोप है कि उसने 40 हजार रुपये के कर्ज के बदले नाबालिग बच्ची से काम करवाना शुरू किया था। बताया गया है कि यह सिलसिला करीब डेढ़ साल से चल रहा था, जिसमें बच्ची से घर की साफ-सफाई, झाड़ू-पोछा, बर्तन धोने के साथ-साथ परिवार के छोटे बच्चों की देखभाल भी करवाई जाती थी।
मामले की जानकारी मिलने पर बाल अधिकारिता विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने जब घर का निरीक्षण किया तो बच्ची वहीं पर काम करती हुई मिली। इसके बाद महिला काउंसलर ने बच्ची से बातचीत की और उसके हालात को समझा।बच्ची ने काउंसलिंग के दौरान बताया कि उसे लगातार घरेलू कामों में लगाया जाता था और वह लंबे समय से इसी स्थिति में रह रही थी। उसके बयान के आधार पर मामला और गंभीर हो गया है।
इसके बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्ची को सुरक्षित स्थान पर भेजने की प्रक्रिया शुरू की। वहीं, गुरुवार शाम को किशोरपुरा थाने में संबंधित बिजनेसमैन के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह बाल श्रम और शोषण से जुड़ा गंभीर अपराध होगा।
बाल अधिकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नाबालिग बच्चों से इस तरह का कार्य करवाना कानूनन अपराध है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। विभाग ने य भी कहा कि बच्ची की सुरक्षा और पुनर्वास को प्राथमिकता दी जा रही है। स्थानीय स्तर पर इस घटना के सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी है। कई सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।फिलहाल पुलिस जांच जारी है और संबंधित व्यक्ति से पूछताछ की जा सकती है। यह मामला एक बार फिर बाल सुरक्षा और बाल श्रम के मुद्दे पर गंभीर सवाल खड़े करता है

