कोटा में फायरिंग कांड के बाद भाजपा नेता प्रभात कश्यप पर शिकंजा, फुटेज में जानें जमीन हड़पने और धोखाधड़ी के नए आरोप
कोटा के उद्योग नगर इलाके में पिता-पुत्री पर फायरिंग और हमले के मामले में गिरफ्तार भाजपा नेता प्रभात कश्यप को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। खुद को राजनीतिक कार्यकर्ता और प्रॉपर्टी डीलर बताने वाला प्रभात लंबे समय से जमीन से जुड़े विवादों में सक्रिय बताया जा रहा है।
मामले में कार्रवाई करते हुए उद्योग नगर थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ जमीन हड़पने और धोखाधड़ी के दो नए मामले सामने आए हैं। इसके अलावा लूट, मारपीट और धमकी से जुड़े अन्य प्रकरण भी शहर के अलग-अलग थानों में दर्ज होने की जानकारी मिल रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी जमीन संबंधी विवादों में दबंगई के जरिए हस्तक्षेप करता था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रभात कश्यप ने अलग-अलग इलाकों के बदमाशों की एक टीम बना रखी थी, जो कथित तौर पर बेशकीमती जमीनों और मकानों पर कब्जा करने का काम करती थी। आरोप है कि ये लोग संपत्ति मालिकों को डराने-धमकाने और दबाव बनाने की रणनीति अपनाते थे।
उद्योग नगर क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और पुराने मामलों की भी समीक्षा की जा रही है। जिन लोगों ने अब तक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, उन्हें भी आगे आकर बयान देने के लिए कहा गया है।
इस मामले ने स्थानीय राजनीति और कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि प्रभावशाली लोगों के खिलाफ समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं होने के कारण ऐसे तत्वों का मनोबल बढ़ता है। वहीं भाजपा की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि जमीन हड़पने या संगठित अपराध के ठोस सबूत मिलते हैं, तो आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रभात कश्यप से पूछताछ जारी है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
कोटा में इस घटना के बाद से माहौल संवेदनशील बना हुआ है। प्रशासन ने क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

