कोटा थर्मल पावर प्लांट में भालुओं की एंट्री, कर्मचारियों में दहशत, वीडियो में जाने सुरक्षा बढ़ाने की मांग
राजस्थान के कोटा स्थित थर्मल पावर प्लांट परिसर में एक बार फिर जंगली जानवरों की मौजूदगी ने कर्मचारियों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। देर रात प्लांट के आसपास दो भालू देखे जाने के बाद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और उन्होंने तुरंत सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी।
जानकारी के अनुसार, रात की शिफ्ट में काम कर रहे कर्मचारियों ने प्लांट के नजदीक भालुओं को घूमते हुए देखा। इसके बाद उन्होंने तुरंत इसकी सूचना अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों को दी। कुछ ही समय में पूरे परिसर में अलर्ट जारी कर दिया गया और कर्मचारी समूह में रहकर काम करने लगे, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
इस घटना के बाद कुछ समय तक पूरे इलाके में भय का माहौल बना रहा। कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। भालुओं की मौजूदगी के कारण न केवल कामकाज प्रभावित हो रहा है, बल्कि कर्मचारियों के मन में भी डर बैठ गया है।
स्थानीय कर्मचारियों ने वन विभाग और संबंधित प्रशासन से मांग की है कि प्लांट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उनका कहना है कि जंगल से सटे इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाए और उन रास्तों को चिन्हित किया जाए, जहां से जंगली जानवर आसानी से परिसर में प्रवेश कर सकते हैं।
कर्मचारियों ने यह भी सुझाव दिया है कि प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, जैसे कि फेंसिंग, निगरानी कैमरे और रात के समय गश्त को बढ़ाना। इससे न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि भविष्य में किसी बड़ी घटना को भी रोका जा सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि जंगल के करीब स्थित औद्योगिक क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं आम हैं, लेकिन सही प्रबंधन और सतर्कता से इन्हें काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। वन विभाग को भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए ताकि जंगली जानवरों और इंसानों के बीच किसी भी प्रकार का टकराव न हो।
फिलहाल, प्लांट प्रशासन और वन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और भालुओं की गतिविधियों को ट्रैक करने की कोशिश की जा रही है। कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास जारी हैं।

