कोटा में ज्वेलरी दुकान से 761 ग्राम सोने की चोरी, सवा करोड़ रुपए का माल हुआ पार
राजस्थान के कोटा शहर में ज्वेलरी कारोबार से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। महावीर नगर थाना क्षेत्र में स्थित एक ज्वेलर्स की दुकान से करीब 761 ग्राम सोना चोरी होने का मामला दर्ज हुआ है। चोरी की गई सोने की अनुमानित कीमत लगभग सवा करोड़ रुपए बताई जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चोरी की वारदात को अंजाम देने वाला युवक दुकान में नया कारीगर बनकर आया था। उसने अपने काम के बहाने दुकान में प्रवेश किया और मौके का फायदा उठाकर सोने को चोरी कर लिया। दुकानदारों ने बताया कि युवक ने शुरुआत में अपने आप को विश्वसनीय और अनुभवी कारीगर के रूप में पेश किया।
महावीर नगर थाना पुलिस ने बताया कि चोरी का मामला सामने आने के तुरंत बाद जांच शुरू कर दी गई है। CCTV फुटेज और दुकान के आसपास के गवाहों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने चोरी को कैसे अंजाम दिया और सोना किस रास्ते से बाहर ले गया।
दुकान मालिक ने बताया कि सोने की चोरी से उनके व्यापार और विश्वास को भारी झटका लगा है। उन्होंने कहा कि कारीगर के भरोसे ही दुकान में काम चल रहा था, लेकिन उसकी वास्तविक मंशा चोरी की थी। इस घटना के बाद शहर की ज्वेलरी दुकानों में सुरक्षा बढ़ाने की चेतावनी भी दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ज्वेलरी दुकानों में इस तरह की चोरी आमतौर पर विश्वासघात और योजना बद्ध तरीके से की जाती है। उन्होंने दुकानदारों से अपील की है कि किसी भी नए कर्मचारी को काम पर रखने से पहले संपूर्ण पृष्ठभूमि जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखें।
महावीर नगर थाना पुलिस ने कहा कि वे जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सभी संभावित रास्तों की जांच कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह की हाई वैल्यू चोरी के मामले में अंतरराज्यीय जांच और सूचना आदान-प्रदान की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।
स्थानीय ज्वेलर्स संघ ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और दुकानों में सिक्योरिटी और निगरानी बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि केवल भरोसे पर दुकान चलाने की प्रथा अब खतरनाक साबित हो सकती है।
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों और ज्वेलरी व्यापारियों से अपील की है कि वे इस मामले में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने यह भी कहा कि चोरी किए गए सोने की वैल्यू और वारदात की योजना के हिसाब से आरोपी की गिरफ्तारी प्राथमिकता है।
कोटा शहर में यह घटना न केवल व्यापारिक प्रतिष्ठा पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि सुरक्षा और सतर्कता के महत्व को भी उजागर करती है। पुलिस और दुकानदारों दोनों के लिए यह संदेश है कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा उपाय और सतर्कता बेहद जरूरी हैं।

