Samachar Nama
×

Katihar निगम में होल्डिंग टैक्स वसूली बना जी का जंजाल
 

Katihar निगम में होल्डिंग टैक्स वसूली बना जी का जंजाल


बिहार न्यूज़ डेस्क आउटसोर्सिंग के माध्यम से होल्डिंग कर वसूली इन दिनों जी का जंजाल बना हुआ है. आउटसोर्सिंग के तहत रखे गये 22 कर्मियों को नगर निगम क्षेत्र के घरों से होल्डिंग टैक्स वसूली के लिए दवाब बनाया जा रहा है. एकरारनामा के तहत लक्ष्य की पूर्ति को लेकर उनलोगों से कर वसूली के लिए दवाब बनाये जाने से जहां वे लोग अभी से ही परेशान हैं.

दूसरी ओर 2003-04-05 में फिक्स दर को भी 2011 क ी तरह स्कॉयरफीट पर जोड़कर होल्डिंग टैक्स वसूली करने से नगर क्षेत्र के लोगाें को भी परेशानी हो रही है. जिसका नतीजा है कि प्रतिदिन नगर निगम कार्यालय का चक्कर लगाने को विवश होना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि होल्डिंग टैक्स वसूलने के लिए 4.1 प्रतिशत पर कर्मियों को रखकर वसूलने व एक प्रतिशत वाहन भत्ता के रुप में व्यय करने का आवास विकास विभाग का गाइडलाइन में निहित है. लेकिन इस बार नये एनजीओ क ो 9.8 प्रतिशत की दर से होल्डिंग टैक्स वसूलने के लिए छूट दी गयी है. जिसके कारण नगरीय क्षेत्र के लोगों के साथ जोर जबरदस्ती लक्ष्य को पूरा करने को लेकर इस तरह के हथकंडा अपनाया जा रहा है. शीघ्र ही इस पर रोक नहीं लगाया गया तो नगरीय क्षेत्र के लोग सड़क पर उतरने को विवश हो सकते हैं.
सॉफ्टवेयर कार्य नहीं करने का बहाना

 गांधीनगर निवासियों बताया गया कि उनलोगों पर टैक्स जमा करने के लिए पहले तो दवाब बनाया जाता है. बकाया राशि को प्रति स्कॉयर फीट में तब्दील कर जमा करने के लिए कहा गया. जबकि नगर निगम का दर्जा मिलने से पूर्व से तय राशि ही प्रति मकान जमा करने का प्रावधान है. 2009-10 में प्रावधान को लाया गया जबकि प्रति स्कायर फीट की दर से 2011 में लागू किया गया. एनजीओ के कर्मियों से इस तरह की शिकायत पर सॉफ्टवेयर कार्य नहीं करने का बहाना बनाया जा रहा है.
पूर्व में कर संग्रहकों द्वारा समय पर कर वसूली व अधिक नहीं होने के कारण एनजीओ को दिया गया है. लक्ष्य के अनुसार काफी कर वसूली होने पर शहर सौंदर्यीकरण में भी बाधा आ रही है. नियम से अलग हटकर कर वसूलने की शिकायत पर एनजीओ के पदाधिकारियों से सवाल जवाब तलब किया जायेगा. नियमत कर की वसूली होनी चाहिए.
-कुमार मंगलम, नगर आयुक्त

कटिहार न्यूज़ डेस्क

Share this story