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सपोटरा में कन्हैया दंगल, वीडियो में देंखे लोक कलाकारों ने धार्मिक और पौराणिक कथाओं को जीवंत किया

सपोटरा में कन्हैया दंगल, वीडियो में देंखे लोक कलाकारों ने धार्मिक और पौराणिक कथाओं को जीवंत किया

जिले के सपोटरा में एक दिवसीय कन्हैया दंगल का आयोजन किया गया, जिसमें लोक कलाकारों ने अपनी गायकी के माध्यम से धार्मिक और पौराणिक कथाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। यह दंगल आम बस्ती दयारामपुरा के तत्वावधान में आयोजित किया गया।

इस आयोजन में गायक कलाकारों ने न केवल धार्मिक और पौराणिक कथाओं पर आधारित गीत प्रस्तुत किए, बल्कि भारतीय संस्कृति से जुड़े लोकगीतों को भी अपनी विशिष्ट शैली में गाया। आयोजकों का कहना है कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम ग्रामीण जनता में लोक कला के प्रति रुचि और समझ बढ़ाने में मदद करते हैं।

दंगल देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित हुए। दर्शकों में उत्साह और आनंद देखने लायक था। ग्रामीणों ने बताया कि इस कार्यक्रम में जीरोता, पटपरी और घुरासी की गायक पार्टियों ने भाग लिया। इन कलाकारों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ अपनी गायकी का प्रदर्शन किया, जिससे धार्मिक कथाओं और लोकगीतों का अनुभव और अधिक जीवंत हो गया।

स्थानीय ग्रामीण श्रीलाल और लखपत मीणा ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से न केवल मनोरंजन होता है, बल्कि युवाओं में लोक संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान भी बढ़ता है। उन्होंने कहा कि कलाकारों की प्रस्तुतियों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया और दर्शक उनकी कला का भरपूर आनंद उठा सके।

कन्हैया दंगल का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय में सांस्कृतिक चेतना और धार्मिक ज्ञान का प्रसार करना है। आयोजकों ने बताया कि इस दंगल के माध्यम से न केवल पौराणिक कथाओं को आम जनता तक पहुँचाया जाता है, बल्कि स्थानीय गायकों और कलाकारों को मंच पर प्रदर्शन करने का अवसर भी मिलता है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सांस्कृतिक और कलात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने में सहायक साबित हो रही है।

कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने जीरोता और पटपरी शैली में गीत गाए, जबकि घुरासी की गायक पार्टी ने अपने लयबद्ध संगीत और गायन से दर्शकों का मन मोह लिया। दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की और उन्हें प्रोत्साहित किया।

स्थानीय लोगों ने इस आयोजन को गांव और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम हैं, बल्कि यह युवाओं में परंपरागत लोक कला के प्रति रुचि और सम्मान भी पैदा करते हैं।

इस कार्यक्रम का सकारात्मक असर स्पष्ट रूप से देखा गया। ग्रामीणों ने आयोजकों और कलाकारों को धन्यवाद दिया और आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी रहेगा।

इस प्रकार, करौली जिले के सपोटरा में आयोजित कन्हैया दंगल ने न केवल लोक कला और संगीत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया, बल्कि ग्रामीण समाज में धार्मिक और पौराणिक कथाओं के प्रति जागरूकता और रुचि भी बढ़ाई।

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