उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क रेलवे वर्कशॉप में तैनात सीनियर सेक्शन इंजीनियर(एसएसई) इलेक्ट्रिकल की पत्नी अंजलि विश्वकर्मा ने मण्डल रेल अफसर पर पति को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. इसकी शिकायत अंजलि ने रेलवे बोर्ड से लेकर मुख्यालय व मण्डल रेल अफसरों से की है. आरोप लगाया कि नियमित ड्यूटी के बाद भी अनुपस्थित दर्शाकर मासिक वेतन शून्य कर दिया.
शहर के सागर गेट निवासी अंजलि विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि उसके पति सचेन्द्र रेलवे वर्कशॉप में एसएसई इलेक्ट्रिकल के पद पर तैनात हैं. 9 अगस्त 2023 को उसके पति का नियम विरुद्ध ढंग से सीनियर डीएसओ के अधीन स्थानांतरण कर दिया गया. सीडब्ल्यूएम ने कर्मचारियों की कमी बताते हुए डिप्टी सीएमई को सचेन्द्र को रिलीव करने का आदेश दिया. इधर डिप्टी सीएमई जो उस समय डिप्टी सीईई का अतिरिक्त प्रभार देख रहे थे, बिना कैडर कंट्रोलर होते हुए भी सचेन्द्र का नई कोच फैक्ट्री में स्थानांतरित कर दिया. आदेश दिया कि वह नई कोच फैक्ट्री के साथ ही वर्कशॉप का भी काम देखेंगे. इधर मण्डल रेल अफसर ने पुन सीनियर डीएसओ के अधीन स्थानांतरण आदेश पर कार्रवाई के सम्बंध में वर्कशॉप प्रशासन से पत्राचार किया तो सीनियर डीईई जनरल के पत्र पर डिप्टी सीएमई ने नई कोच फैक्ट्री के स्थानांतरण आदेश को दरकिनार कर सचेन्द्र को रिलीव कर दिया. इससे सचेन्द्र बीमार हो गया और 30अक्टूबर को रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया. बावजूद इसके अफसरों ने 31 अक्टूबर को फट दर्शाकर अस्पताल से छुट्टी करा दी. सचेन्द्र ने एक नवम्बर को ड्यूटी ज्वाइन कर ली. आरोप है कि अफसरों ने षड़यंत्र रचकर रेलवे अस्पताल से 2 नवम्बर का फिट सर्टिफिकेट दर्शाकर 01 नवम्बर 2023 से मस्टर रोल पर हस्ताक्षर करने पर चार्जशीट जारी कर दण्डित कर दिया. जबकि सचेन्द्र ने 31 अक्टूबर का फिट प्रमाण पत्र दिखाया, जिसे स्वयं डिप्टी सीएमई ने बेरीफाई किया था. लेकिन अफसरों ने ड्यूटी करने के बाद भी अनुपस्थित दिखाकर वेतन शून्य कर दिया.
एसएसई इलेक्ट्रिकल के आरोप निराधार हैं. सचेन्द्र का स्थानांतरण वर्कशॉप से सीनियर डीएसओ के अधीन किया गया था. जिसे बाद में वापस ले लिया गया. कर्मचारी को वेतन देने का मामला डिप्टी सीईई वर्कशॉप का कार्यक्षेत्र है. अनुपस्थित होने पर कर्मचारी का वेतन काटने का प्रावधान है. नितिन गुप्ता,सीनियर डीईई जनरल
कानपूर न्यूज़ डेस्क

