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Kanpur  रोशनी गंवाने वाले 13 दिन दौड़े पर सुनवाई नहीं, पीड़ितों ने दर्दभरी कहानी बयां की तो सीएमओ भी भावुक हो गए,आंखों में संक्रमण की बात बताई गई थी बुजुर्गों को
 

Kanpur  रोशनी गंवाने वाले 13 दिन दौड़े पर सुनवाई नहीं, पीड़ितों ने दर्दभरी कहानी बयां की तो सीएमओ भी भावुक हो गए,आंखों में संक्रमण की बात बताई गई थी बुजुर्गों को


उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क  आराध्या नर्सिंग होम के आई कैम्प में आंख गंवाने वाले बुजुर्ग 13 दिन से भटकते रहे लेकिन डॉक्टर और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उन्हें केवल आश्वासन देते रहे. आपरेशन करने वाले डॉक्टर तक उन्हें टरकाते रहे. उनके स्टाफ तक ने कोई सुनवाई नहीं की. पीड़ितों ने अपनी दर्दभरी कहानी जब बयां की तो सीएमओ डॉ.आलोक रंजन भी भावुक हो गए. उनके दर्द का एहसास है और उन्हें न्याय मिलेगा.

पीड़ितों ने कहा कि बीती 2 नवम्बर को वीरामऊ में नेत्र रोगों की जांच का कैम्प लगा था. यहां उत्तरी के रहने वाले दुर्गेश शुक्ल रिक्शे से सुघरदेवा गांव के बुजुर्ग राजाराम कुरील (70) , रमेश कश्यप (63), नन्हीं देवी (63), सुल्ताना देवी (75), रमादेवी (67), शेर सिंह (72) को कैम्प में ले गए. यहां पर चेकअप कर बताया गया कि उनकी एक आंख का मोतियाबिंद पक गया है और सभी लोग 1000 रुपये जमा कर कानपुर चलने के लिए तैयार हो जाएं. दुर्गेश सभी को 2 नवम्बर की दोपहर एम्बुलेंस से कानपुर के आराध्या नर्सिंग होम ले आए. यहां दो घंटे इंतजार के बाद डॉ.नीरज गुप्ता और डॉ.अंशुल पांडेय ने सभी का आपरेशन कर शाम को गांव भेज दिया. भेजने से पहले एक हफ्ते के बाद चेकअप के लिए आने को कहा. 8 नवंबर से सभी छह बुजुर्गों की आंखों में खुजली और दर्द होने लगा. नौ को बढ़ा तो परिजनों ने दुर्गेश से सम्पर्क किया. उसने 200-200 रुपये लेकर आराध्या में 13 नवम्बर को डॉ.गुप्ता से चेकअप कराया और दवा देकर फिर गांव रवाना कर दिया.
आंख गंवाने वाले बुजुर्ग 17 नवम्बर को प्रधानपति हरपाल सिंह चंदेल से मिले. मामला गंभीर देख प्रधानपति पीड़ित बुजुर्गों को लेकर अगले दिन शंकरा नेत्र चिकित्सालय चौबेपुर लाए. चेकअप के बाद डॉक्टरों ने बताया कि मोतियाबिंद वाली आंखों में संक्रमण फैल गया है और आपरेशन फेल हो गया. सभी की आंख की रोशनी चली गई है. इतना सुनते ही सभी बुजुर्ग बदहवास हो गए. प्रधानपति के साथ बुजुर्ग मिश्रिख सांसद अशोक रावत से मिले, जिन्होंने कानपुर सीएमओ डॉ.आलोक रंजन से फोन पर बात की और सभी को उनके पास जाने के लिए कहा. पीड़ित बुजुर्ग सीएमओ से  मिले तो उन्होंने काशीराम अस्पताल में सभी का चेकअप कराया लेकिन यहां भी इमरजेंसी डॉक्टरों ने चेकअप और दवा देकर गांव रवाना कर इतिश्री कर दी. चेकअप में कहा गया कि उनकी आंखों में संक्रमण के कारण रोशनी नहीं दिख रही है.


कानपूर न्यूज़ डेस्क
 

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