Samachar Nama
×

Kanpur  टायर-फर्नीचर के अग्निकुंड में फेंककर किए गए थे कत्ल
 

Kanpur  टायर-फर्नीचर के अग्निकुंड में फेंककर किए गए थे कत्ल


उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क  1984 के सिख दंगों के दौरान निराला नगर में भूपेंद्र सिंह और रक्षपाल सिंह को जिंदा फेंकने में भी मोबिन की भूमिका थी। उन दोनों को नीचे धकेलने वालों में वह भी शामिल था। मोबिन ने एसआईटी से पूछताछ में यह खुलासा किया है। उन्होंने एसआईटी को भूपेंद्र के अंतिम शब्दों से भी अवगत करा दिया है।

आरोपी के खुद एसआईटी कार्यालय पहुंचने के बाद टीम ने विस्तृत पूछताछ की। उन्होंने बताया कि वह पूर्व राज्य मंत्री शिवनाथ सिंह कुशवाहा के भतीजे राघवेंद्र कुशवाहा के यहां काम करते थे. 1 नवंबर 1984 को राघवेंद्र दो बसों में लोगों को यह कहकर लाए थे कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या का बदला लिया जाना है। किसी को नहीं छोड़ा जाएगा। उसने भीड़ से कहा कि वह जो चाहे करे ताकि बदला पूरा हो सके। मोबिन ने एसआईटी को बताया कि दोनों बसों में करीब 80 लोग शामिल थे। निराला नगर पहुंचने के बाद भीड़ भी जुट गई, जिसके बाद यह संख्या 400-500 तक पहुंच गई थी। सभी नारे लगाते हुए गुरुदयाल सिंह की इमारत में दाखिल हो गए थे। वहां रहने वाले परिवार छत पर भाग गए थे।

कानपूर न्यूज़ डेस्क
 

Share this story