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जोधपुर–जैसलमेर रेलखंड पर 121 किमी प्रति घंटा की गति परीक्षण सफल, तेज संचालन का रास्ता खुला

जोधपुर–जैसलमेर रेलखंड पर 121 किमी प्रति घंटा की गति परीक्षण सफल, तेज संचालन का रास्ता खुला

राजस्थान के पश्चिमी क्षेत्र में रेल परिवहन को और अधिक तेज व सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। जोधपुर–जैसलमेर रेलखंड पर हाल ही में 121 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से सफल गति परीक्षण किया गया। इस सफल परीक्षण के बाद इस मार्ग पर ट्रेनों के तेज संचालन का रास्ता लगभग साफ हो गया है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह स्पीड ट्रायल रेलवे सुरक्षा मानकों के तहत किया गया, जिसमें विशेष निरीक्षण दल और तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहे। परीक्षण के दौरान ट्रैक, सिग्नलिंग प्रणाली, पुलों तथा अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की गई। पूरी प्रक्रिया के दौरान ट्रेन ने निर्धारित गति से दौड़ते हुए सभी सुरक्षा मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया।

अधिकारियों ने बताया कि इस स्पीड ट्रायल का मुख्य उद्देश्य इस रेलखंड की क्षमता का आकलन करना था, ताकि भविष्य में इस मार्ग पर तेज गति से ट्रेनों का संचालन किया जा सके। परीक्षण के सफल रहने के बाद अब रेलवे इस मार्ग पर ट्रेनों की गति बढ़ाने की योजना पर आगे बढ़ सकता है। इससे यात्रियों को सफर में लगने वाले समय में कमी आएगी और यात्रा अधिक सुविधाजनक हो सकेगी।

जोधपुर–जैसलमेर रेलखंड राजस्थान के महत्वपूर्ण रेल मार्गों में से एक माना जाता है। यह मार्ग न केवल स्थानीय यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी इसकी बड़ी भूमिका है। जैसलमेर एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां देश और विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ट्रेनों की गति बढ़ने से पर्यटकों को भी काफी लाभ मिलेगा और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

रेलवे सूत्रों के अनुसार इस रेलखंड पर पिछले कुछ समय से ट्रैक अपग्रेडेशन, सिग्नलिंग सिस्टम में सुधार और सुरक्षा से जुड़े कई कार्य किए जा रहे थे। इन्हीं सुधारों के बाद अब स्पीड ट्रायल आयोजित किया गया था। ट्रायल के दौरान रेलवे के इंजीनियरों ने ट्रैक की मजबूती, वाइब्रेशन स्तर, ब्रेकिंग सिस्टम और अन्य तकनीकी मानकों की जांच की।

स्थानीय लोगों और यात्रियों ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जताई है। उनका कहना है कि यदि ट्रेनों की गति बढ़ती है तो जोधपुर से जैसलमेर के बीच यात्रा का समय कम होगा, जिससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। खासकर व्यापारियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को इससे सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि परीक्षण की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। सभी आवश्यक अनुमतियां मिलने के बाद इस रेलखंड पर ट्रेनों की अधिकतम गति बढ़ाने का निर्णय लिया जा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मार्ग पर नियमित रूप से तेज गति से ट्रेन संचालन शुरू होता है, तो इससे क्षेत्र के आर्थिक और पर्यटन विकास को भी गति मिलेगी। फिलहाल सफल स्पीड ट्रायल के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में यात्रियों को इस मार्ग पर तेज और सुगम रेल यात्रा का अनुभव मिलेगा। 🚆

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