जोधपुर में सर्द रात में बस के नीचे सोना युवक के लिए बन गया जानलेवा, चालक ने ऊपर से निकाली, तड़प-तड़पकर दर्दनाक मौत
सर्द रात में ठंड से बचने के लिए एक युवक को रेलवे फाटक के पास खड़ी बस के नीचे सोना जानलेवा साबित हुआ। मामला जयपुर के बीजेएस की नट कॉलोनी का है। स्थानीय लोगों के अनुसार, युवक बस के नीचे सो रहा था, तभी बस का चालक निजी बस स्टार्ट कर रहा था, और इसी दौरान युवक टायर के नीचे आ गया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि रात के समय सर्दी के कारण अक्सर लोग रेलवे फाटक और सड़कों के किनारे आराम करने के लिए बसों या वाहनों के नीचे सो जाते हैं। लेकिन इस बार यह कदम युवक के लिए जानलेवा साबित हुआ।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतक की पहचान कर ली है और शव को मृतक का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस के अनुसार, बस चालक ने बस शुरू करने से पहले आसपास ध्यान नहीं दिया, जिससे यह हादसा हुआ।
बीजेएस कॉलोनी के निवासी ने कहा, "यह बहुत ही दुखद घटना है। सर्दियों में सड़क किनारे सोना आम बात हो गई है, लेकिन इस हादसे ने सभी को सचेत कर दिया है कि ऐसी स्थितियां बेहद खतरनाक हैं।"
पुलिस ने कहा कि इस मामले में मृत्यु के कारणों की जांच और दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। चालक के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सड़क किनारे या वाहन के नीचे सोने जैसी जोखिमपूर्ण जगहों पर रात बिताने से बचें।
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में सड़क किनारे और खुले स्थानों पर सोने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। सड़क सुरक्षा नियमों और जागरूकता के अभाव में ऐसी घटनाएं अक्सर घटती रहती हैं।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना के बाद चेतावनी जारी की है कि सड़क किनारे और रेलवे फाटक के पास सोने से बचें। उन्होंने बताया कि शहर में सर्दियों में सड़क पर रहने वाले व्यक्तियों के लिए शेल्टर और अस्थायी सुरक्षा केंद्र उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि सर्दी, बेघरों और सड़क किनारे रहने वालों के लिए जीवन जोखिमपूर्ण हो सकता है। पुलिस और प्रशासन इस दिशा में कदम उठा रहे हैं, लेकिन जनता की सतर्कता और जागरूकता भी आवश्यक है।
इस दुखद हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डाल दिया है। स्थानीय लोग और नागरिक संगठन मृतक के परिवार को सांत्वना दे रहे हैं और सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि सर्दी के मौसम में सड़क पर रहने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

