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साध्वी प्रेम बाईसा की मौत, वीडियो में जाने 20 दिन बाद बोरनाडा पुलिस ने कंपाउंडर के खिलाफ दर्ज की पहली एफआईआर

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत, वीडियो में जाने 20 दिन बाद बोरनाडा पुलिस ने कंपाउंडर के खिलाफ दर्ज की पहली एफआईआर

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के करीब 20 दिन बाद सोमवार को पहली एफआईआर दर्ज की गई। बोरनाडा पुलिस स्टेशन में यह मामला कंपाउंडर देवी सिंह के खिलाफ दर्ज किया गया है। कंपाउंडर पर आरोप है कि उन्होंने चिकित्सा नियमों में लापरवाही बरती, जिसके चलते साध्वी की मौत हुई।

जानकारी के अनुसार, साध्वी प्रेम बाईसा की 28 जनवरी को जोधपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। इसके बाद मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया था। SIT ने अब तक साध्वी के पिता, सोशल मीडिया संभालने वाले स्टाफ, रसोइए, कंपाउंडर और हॉस्पिटल स्टाफ से पूछताछ कर चुकी है।

बोरनाडा पुलिस ने सोमवार को कंपाउंडर देवी सिंह के खिलाफ चिकित्सा नियमों का उल्लंघन और लापरवाही का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज की। अगर आरोप साबित हो जाते हैं, तो आरोपी को 2 साल तक की सजा हो सकती है। पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित पक्षों से विस्तृत पूछताछ की जाएगी और जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामले चिकित्सा क्षेत्र में कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी को उजागर करते हैं। मरीजों की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य से जुड़े नियमों का पालन न होना गंभीर अपराध माना जाता है। इस मामले में कंपाउंडर पर लगाए गए आरोप यह दिखाते हैं कि नियमों का पालन न होने से गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।

स्थानीय लोग इस मामले को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। साध्वी प्रेम बाईसा एक प्रसिद्ध कथावाचक थीं, और उनके अनुयायी और शिष्य उनके अचानक निधन से सदमे में हैं। इस घटना ने न केवल उनके परिवार को झकझोर दिया है, बल्कि स्थानीय समुदाय में भी शोक और सवाल खड़े कर दिए हैं।

SIT की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि साध्वी के आसपास के स्टाफ और हॉस्पिटल कर्मचारियों ने उनकी देखभाल में क्या भूमिका निभाई। जांच में सोशल मीडिया और हॉस्पिटल रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है ताकि मौत के कारणों को पूरी तरह से स्पष्ट किया जा सके।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, FIR दर्ज होने के बाद आगे की जांच और गिरफ्तारी या अन्य कानूनी कार्रवाई की संभावना बनी हुई है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि जांच निष्पक्ष और विधिक प्रक्रियाओं के अनुसार की जाएगी, ताकि मामले में किसी भी तरह की लापरवाही या गलती सामने आए।

इस तरह, जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के मामले में अब कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है, और कंपाउंडर देवी सिंह पर लगाए गए आरोप जांच के केंद्र में हैं। इस घटना ने चिकित्सा क्षेत्र में नियमों के पालन और मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

साध्वी प्रेम बाईसा के प्रशंसक और समाज के लोग इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं और अपेक्षा कर रहे हैं कि SIT और पुलिस जांच पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी हो, ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

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