जोधपुर ट्रेन में छूटा गहनों से भरा बैग, जीआरपी की तत्परता से 9 लाख के जेवरात सुरक्षित लौटे
रेल यात्रा के दौरान सामान छूटने की घटनाएं आम हैं, लेकिन समय पर सूचना और पुलिस की सक्रियता किसी के लिए बड़ी राहत बन सकती है। जोधपुर की एक ट्रेन में यात्रा के दौरान एक यात्री का गहनों से भरा बैग छूट गया, जिसे रेलवे हेल्पलाइन और जीआरपी की तत्परता से सुरक्षित वापस लौटा दिया गया। बैग में रखे जेवरातों की कीमत करीब 8 से 9 लाख रुपये बताई जा रही है।
मामला जोधपुर के जनता कॉलोनी निवासी विक्की तेजी और उनकी पत्नी प्रियंका से जुड़ा है। दोनों गाड़ी संख्या 14707 से मूंडवा से जोधपुर की यात्रा कर रहे थे। ट्रेन के जोधपुर पहुंचने पर वे उतर गए, लेकिन जल्दबाजी में उनका एक काला रंग का बैग सीट पर ही रह गया। कुछ समय बाद उन्हें एहसास हुआ कि बैग ट्रेन में छूट गया है, जिसमें कीमती जेवरात रखे हुए थे।
घबराए यात्री ने बिना समय गंवाए रेलवे हेल्पलाइन 139 पर इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही मामला जीआरपी के संज्ञान में आया। इसके बाद लूणी जीआरपी चौकी की एएसआई कंचन राठौड़ और हेड कॉन्स्टेबल कविता बिश्नोई ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम ने ट्रेन के लूणी स्टेशन पहुंचने पर संबंधित कोच और सीट की जांच की।
जांच के दौरान सीट पर एक काले रंग का बैग मिला। पुलिस ने मौके पर मौजूद सह यात्रियों से पूछताछ की, लेकिन किसी ने भी बैग को अपना नहीं बताया। इसके बाद मौके पर मौजूद यात्रियों की मौजूदगी में बैग को खोलकर देखा गया, जिसमें कीमती सोने-चांदी के जेवरात और कपड़े पाए गए। सामान की कीमत अधिक होने के चलते जीआरपी ने बैग को सुरक्षित रूप से चौकी लूणी लाकर जमा कर लिया।
इसके बाद जीआरपी की ओर से संबंधित यात्री को बैग मिलने की सूचना दी गई। सूचना पाकर यात्री विक्की तेजी अपनी पत्नी प्रियंका के साथ लूणी स्टेशन पहुंचे। जीआरपी द्वारा बैग और उसमें रखे सामान के मलिकाना हक की पूरी जांच की गई। पहचान और दस्तावेजों की पुष्टि के बाद जेवरात और बैग को उनके असली मालिक विक्की तेजी को सौंप दिया गया।
अपना कीमती सामान सुरक्षित वापस मिलने पर यात्री ने जीआरपी और रेलवे प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अगर समय पर हेल्पलाइन पर सूचना नहीं देते और पुलिस ने तत्परता नहीं दिखाई होती, तो इतना कीमती सामान वापस मिलना मुश्किल हो सकता था।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि रेलवे हेल्पलाइन और जीआरपी की सक्रिय भूमिका यात्रियों के लिए कितनी महत्वपूर्ण है। साथ ही, यह यात्रियों के लिए भी एक सीख है कि यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करना चाहिए।
रेलवे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और उनके सामान की रक्षा उनकी प्राथमिकता है। इस तरह की घटनाओं में समय पर सूचना मिलने से कार्रवाई आसान हो जाती है और कीमती सामान सुरक्षित लौटाया जा सकता है। यह मामला जीआरपी की ईमानदारी और संवेदनशीलता का एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आया है।

